महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से परेशान? त्वचा की देखभाल के लिए जानें 8 आसान विकल्प …
खूबसूरत और मुलायम त्वचा के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदना जरूरी नहीं है। त्वचा की जरूरत के अनुसार चुना गया साधारण मॉइस्चराइजर भी देखभाल में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी देसी क्रीम या घरेलू मिश्रण से बुढ़ापा रोकने का दावा सही नहीं है। उम्र बढ़ना स्वाभाविक प्रक्रिया है। मॉइस्चराइजर रूखेपन को कम करके बारीक रेखाओं को कुछ समय के लिए कम उभरा हुआ दिखा सकता है, लेकिन गहरी झुर्रियां मिटाने की गारंटी नहीं देता।
घरेलू नुस्खों और बाजार में मिलने वाले साधारण उत्पादों को अक्सर एक जैसा समझ लिया जाता है। जबकि रसोई की चीजों से तैयार मिश्रण और त्वचा के लिए बनाई गई क्रीम अलग होते हैं। आठ विकल्पों को समझते समय उनकी सामग्री, इस्तेमाल की जगह और अपनी त्वचा की जरूरत पर ध्यान देना जरूरी है। पहला विकल्प एलोवेरा युक्त मॉइस्चराइजर है। एलोवेरा वाले कुछ उत्पाद धूप से प्रभावित त्वचा को आराम देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इससे झुर्रियां खत्म होने या चेहरा हमेशा जवान रहने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। उत्पाद चुनते समय उसके इस्तेमाल के निर्देश पढ़ें और उसे सनस्क्रीन का विकल्प नहीं मानें।
दूसरा विकल्प ग्लिसरीन वाली क्रीम है। रूखी त्वचा के लिए मॉइस्चराइजर चुनते समय ग्लिसरीन उपयोगी सामग्री हो सकती है। तीसरा विकल्प पेट्रोलैटम आधारित क्रीम या साधारण पेट्रोलियम जेली है, जिसे सूखे हिस्सों की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता है। चौथा विकल्प मिनरल ऑयल वाली क्रीम है। ये सामग्री रूखी त्वचा के लिए सुझाए जाने वाले मॉइस्चराइजरों में शामिल हैं। हर उत्पाद का असर उसकी पूरी बनावट और त्वचा की जरूरत पर निर्भर करता है।
पांचवां विकल्प शिया बटर वाली क्रीम और छठा जोजोबा ऑयल युक्त मॉइस्चराइजर है। दोनों सामग्री रूखेपन की देखभाल के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पादों में मिलती हैं। इन्हें चुनने का आधार केवल ‘नेचुरल’ लिखा होना नहीं होना चाहिए। खुशबू रहित क्रीम चुनना और नहाने या चेहरा धोने के बाद हल्की नम त्वचा पर लगाना अधिक उपयोगी हो सकता है। बार-बार रूखापन महसूस होने पर मॉइस्चराइजर दोबारा लगाया जा सकता है। सातवां विकल्प नारियल तेल है, लेकिन यह क्रीम नहीं है और सभी के चेहरे के लिए उपयुक्त भी नहीं है। शरीर की रूखी त्वचा पर इससे नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। वहीं तैलीय या मुंहासों वाली त्वचा पर यह रोमछिद्र बंद करके परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए शरीर पर उपयोगी लगने वाली चीज को चेहरे पर लगाने से पहले उसकी उपयुक्तता समझें।
आठवां विकल्प डाइमेथिकोन वाली साधारण मॉइस्चराइजिंग क्रीम है। यह भी रूखी त्वचा के लिए सुझाई जाने वाली सामग्री में शामिल है। इन आठों विकल्पों को एक साथ लगाने की जरूरत नहीं है। अपनी त्वचा के अनुसार एक उपयुक्त उत्पाद चुनें। रूखी त्वचा के लिए क्रीम या ऑइंटमेंट अक्सर हल्के लोशन से ज्यादा उपयोगी होते हैं। त्वचा की देखभाल में कीमत से ज्यादा नियमितता और सही चुनाव मायने रखते हैं। मौसम बदलने पर त्वचा की जरूरत भी बदल सकती है। जो उत्पाद सर्दियों में आराम देता है, वही गर्मियों में भारी महसूस हो सकता है। इसलिए किसी और के अनुभव के बजाय अपनी त्वचा की प्रतिक्रिया देखें। लगातार खुजली, पपड़ी या रूखापन होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। समय से पहले दिखने वाले उम्र के संकेतों से बचाव के लिए धूप से सुरक्षा अहम है। बाहर निकलते समय छाया, ढके कपड़े और कम से कम एसपीएफ 30 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन अपनाएं। कोई देसी तेल या घरेलू क्रीम इसकी जगह नहीं लेती। त्वचा को स्वस्थ रखने का बेहतर तरीका महंगे उत्पादों का ढेर लगाना नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार सरल और नियमित देखभाल अपनाना है।




