मध्य प्रदेशराज्‍य

85 वर्षीय बुजुर्ग मां की गुहार पर कोर्ट का फैसला, पांचों बेटों पर लगा गुजारा भत्ता

By Admin|23 Sep 2026, 10:31 AM
f X W

हरदा 

Advertisement
Advertisement

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में एक एसडीएम कोर्ट ने पांच बेटों को 85 साल की एक बुजुर्ग मां को भरण-पोषण के तौर पर हर महीने दो-दो हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।मध्य प्रदेश के हरदा जिले की खिरकिया तहसील की एसडीएम कोर्ट ने वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने 85 साल की एक बुजुर्ग महिला के 5 बेटों को हर महीने की 10 तारीख तक अपनी मां को दो-दो हजार रुपये यानी कुल 10 हजार रुपये का भरण-पोषण देने का आदेश दिया है। अदालत ने पैसे नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई और जमीन की आमदनी से सीधे भुगतान की चेतावनी दी है।

मां के गुजारे के लिए हर महीने रकम देने के आदेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 85 साल की बजुर्ग विधवा महिला गीताबाई की याचिका पर सुनवाई करते हुए एसडीएम रजनी वर्मा की अदालत ने उनके पांच बेटों को अपनी मां के भरण-पोषण के लिए हर महीने एक तय रकम देने का आदेश दिया।

बुजुर्ग महिला ने दी थी यह शिकायत
गीताबाई ने एसडीएम कोर्ट में आवेदन देकर बताया था कि वे वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने, देखने और सुनने में असमर्थ हैं। ग्राम पीपल्या स्थित खसरा नंबर 66/2 (रकबा 3.861 हेक्टेयर) की संयुक्त जमीन में उनका 1/8 हिस्सा दर्ज है। उनके बेटों की ओर से इस जमीन को लीज पर दिया जाता है। उससे मिली पूरी इनकम का वे खुद ही उपभोग करते हैं।

बेटे नहीं देते थे मां को पैसे
बुजुर्ग मां का आरोप था कि जमीन की आमदनी में से बेटे उनको कोई हिस्सा नहीं देते। सभी बेटे उनकी आर्थिक मदद नहीं करते हैं। बेटे उनका कोई ध्यान भी नहीं रखते हैं। इतना ही नहीं जमीन पर बैंक का केसीसी कर्ज बकाया है जिसका भुगतान भी बेटे नहीं कर रहे हैं।

READ ALSO  वीर गार्जियन 2026 में दिखी भारत-जापान की दोस्ती, तेजस में साथ उड़े दोनों देशों के एयर चीफ

मां को हर महीने देने होंगे 2-2 हजार रुपये
मामले की सुनवाई और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद एसडीएम कोर्ट ने 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरणपोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत बुजुर्ग महिला के पांचों बेटों राजेन्द्रप्रसाद, गोपालप्रसाद, गोविन्द, नारायण और प्रमोद सोनी को निर्देश दिया कि वे हर महीने की 10 तारीख तक अपनी मां को 2-2 हजार रुपये इस तह कुल 10 हजार रुपये प्रतिमाह नकद भुगतान करें या उनके बैंक खाते में जमा कराएं।

नहीं किया भुगतान तो ऐक्शन
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि बेटे नियमित रूप से यह रकम बुजुर्ग महिला के खाते में पैसे जमा नहीं करते हैं तो पीपल्या स्थित खसरा नंबर 66/2 की खोट या बटाई से मिली कुल आमदनी में से मां के हिस्से की राशि सीधे उनको प्रदान की जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि उसके आदेश की अवहेलना करने पर आरोपी बेटों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी वसूली और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins