CG : टूटा पुल पार करने को मजबूर ग्रामीण, हादसे का बढ़ा खतरा …
गरियाबंद: जिले के बिन्द्रानवागढ़-सातधार मार्ग पर बारिश के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 18 साल पुराना रपटा पुल ढह गया है. पुल क्षतिग्रस्त होने से दर्जनो गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है. स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी ओर जाने के लिए टूटे हुए पुल को पार करने के लिए ग्रामीण मजबूर हैं.
सबसे गंभीर स्थिति आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बनी हुई है. रास्ता पूरी तरह बंद हो जाने के कारण क्षेत्र में कोई भी बड़ा वाहन या एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही है. खासकर गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मरीजों को खाट या पैदल मुख्य मार्ग तक ले जाने की नौबत आ गई है. क्षेत्र के ग्रामीण मनबोध, सुरेश कुमार, रामेश्वर, विरेन्द्र कुमार, सूरज कुमार ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को स्थिति से अगवत कराया है. साथ ही तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक मार्ग या अस्थायी रपटे का निर्माण कराए जाने की मांग की है.
जानकारी के मुताबिक, यह पुल करीब 50 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया था. ग्रामीणों ने घटिया गुणवत्ता और अनदेखी के कारण पुल समय से पहले धंसने का आरोप लगाया गया. ग्रामीणों में प्रशासन और जिम्मेदार के खिलाफ भारी आक्रोश है. उन्होंने उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जांच की प्रक्रिया शुरू करने के साथ-साथ तुरंत एक वैकल्पिक या अस्थायी रपटे का निर्माण कराया जाए.
क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण किसके द्वारा किया गया, अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग के गरियाबंद कार्यपालन अभियंता (EE) राहुल चंद्राकर ने कहा कि यह रपटा बारिश के कारण धस गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद है. क्षतिग्रस्त पुल के दोनों तरफ जिला प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड भी लगाया है. उन्होने कहा पुल रपटा का निर्माण विभाग या ग्राम पंचायत द्वारा किया गया था, वह फाइल देखकर ही बता पाएंगे.
ग्राम पंचायत पतोरा के सरपंच कृष्णकुमार नाग का कहना है कि इस पुल का निर्माण लगभग 18 वर्ष पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग द्वारा 50 लाख रूपये की अधिक के लागत से किया गया था. पुल धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रहा था, जिसकी शिकायत करने के बावजूद विभाग द्वारा सुधार नही किया गया. लगातार बारिश में यह पुल धस गया, जिससे इस क्षेत्र के दर्जनो ग्राम पाराटोला के हजारों लोगों का आवागमन अवरूद्ध हो गया है. यहां बड़े पुल निर्माण की आवश्यकता है. फिलहाल तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था किया जाए.




