राजनांदगांव : नोटिस बेअसर, पहले के आवंटन की फाइल गायब …

राजनांदगांव l जिला अस्पताल के सरकारी आवासों में अवैध ढंग से रहने वाले 12 कब्जेदारों पर नोटिस का कोई असर नहीं हुआ। केवल एक ने खाली किया और दूसरे ने इस माह के अंत तक खाली करने समय मांगा है, जबकि 11 कब्जेदारों को क्वाटर खाली कराने अस्पताल प्रबंधन सख्ती बरतेगा। दूसरे जिले और मेडिकल कॉलेज में सेवा देने बाद भी यहां अवैध ढंग से रहने वालों ने आवास खाली नहीं कराने की मांग की है।
जिला अस्पताल के ज़रुरतमंद डॉक्टर्स, नर्सेज, अन्य स्टाफ को आवास नहीं मिल पा रहा है। नोटिस के बाद भी आवास खाली नहीं करने वालों को बुधवार दोपहर एसडीएम न्यायालय में उपस्थित होना पड़ा। कॉलोनी में एक डॉक्टर के भतीजे का तो दूसरे डॉक्टर के ड्राइवर का कब्जा है। कोरबा में पदस्थ डॉक्टर के नाम सहित 13 क्वाटर्स में कब्जा है। कुल 134 मकान में 82 निवासरत हैं। 13 अनधिकृत रूप से है। यहां 24 मकान जर्जर और 1 आवास रिक्त होने की जानकारी है। यहां पांच डॉक्टर्स, स्टाफ नर्सेज, चिकित्सा अधिकारी, लैब टैक्नीशियन, वाहन चालक, भृत्य को नोटिस दिए हैं।
एसडीएम ने आवास खाली करने अंतिम मौका दिया कब्जेधारियों को आवास खाली कराने और जरूरतमंद स्टाफ को उपलब्ध कराने की खींचतान के बीच पहले जिन्हें आवास आवंटित किया गया था उसकी फाइल ही जिला अस्पताल के संबधित शाखा से गायब हो चुकी है। एसडीएम गौतम पाटिल ने बताया आवास खाली करने अंतिम मौका दिया है अब सख्ती बरतेंगे। सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने कहा नियमों से कार्रवाई की जाएगी। पात्र को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।




