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अब बिहार में आधार सत्यापन और ई-साइन से होगी जमीन की डिजिटल रजिस्ट्री

By Admin|14 Jul 2026, 1:41 PM
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पटना
बिहार में अब जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए अब सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अगले माह यानी अगस्त के महीने से राज्य भर में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी तरह पेपरलेस हो जायेगी। प्रदेश के सभी 145 निबंधन कार्यालयों में निबंधन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी। इस माह ही पटना, मधुबनी सहित लगभग दो दर्जन निबंधन कार्यालय पेपरलेस होंगे। इस व्यवस्था से जमीन रजिस्ट्री में पारदर्शिता आएगी। समय की भी बचत होगी।

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मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने सभी निबधन कार्यालयों को आठ से दस चरणों में डिजिटल करने का लक्ष्य रखा है। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है। 11 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय को पेपरलेस करने की शुरुआत कर दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन, फ्लैट या अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए लोगों को मोटी फाइलें लेकर सरकारी कार्यालयों में चक्कर नहीं लगाना होगा।

दस्तावेजों की तैयारी, जांच, सत्यापन और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी हो जाएगी। खरीददार, विक्रेता और संबंधित अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए ही रजिस्ट्री पूरी की जाएगी। डीड लेखन सहित सर्विस प्रोवाइडर नियमों में भी आवश्यक बदलाव कर सभी हितधारकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

18 को नौ निबंधन कार्यालय होंगे पेपरलेस
बिहार निबंधन नियमावली 2026 के तहत प्रथम चरण में 10 निबंधन कार्यालयों को पेपरलेस करने का लक्ष्य था। इसमें हाजीपुर निबंधन कार्यालय के पेपरलेस होने के बाद 18 जुलाई को नौ निबंधन कार्यालय पेपरलेस होंगे। इसमें जिला निबंधन कार्यायल जहानाबाद, अवर कार्यालय पातेपुर (वैशाली), फतुहा (पटना), संपतचक (पटना), सोनपुर (सारण), डेहरी ऑन-सोन (रोहतास), मंझौल (बेगूसराय) बाबूबरही (मधुबनी) और अवर निबंधन कार्यालय सोनवर्षा (सहरसा) शामिल हैं।

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अभी ई निबंधन की सुविधा सभी कार्यालयों में
जो कार्यालय अभी पेपरलेस नहीं हुए हैं, वहां ई निबंधन की सुविधा है। ई निबंधन से जमीन व फ्लैट रिजस्ट्री के लिए लोग विभाग की वेबसाइट enibadhan.bihar.gov पर जमीन रजिस्ट्री संबंधी कागजात अपनी सुविधानुसार पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है। यहां से जमीन, फ्लैट या मैरेज रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित कागजात अपलोड करने के बाद फाइनल रजिस्ट्री के लिए सुविधानुसार तिथि और समय ले सकते हैं। समय मिलने पर निर्धारित समय पर निबंधन कार्यालय जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

खरीददार, विक्रेता दोनों के आधार कार्ड का सत्यापन होगा
खरीददार और विक्रेता दोनों का सहमति-आधारित आधार सत्यापन होगा। ओटीपी से भूमि हस्तांतरण के लिए सहमति प्राप्त की जाएगी, जिसे ई-साइन प्रक्रिया कहा जाता है। इससे दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी। फर्जीवाड़ा और नकल की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

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