CG : कीटनाशी विक्रय में अनियमितता पर कृषि विभाग की कार्रवाई
मेसर्स तिलोकचंद अग्रवाल की कीटनाशी विक्रय/भंडारण अनुज्ञप्ति 15 सितंबर तक निलंबित
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कृषि विभाग द्वारा कीटनाशी विक्रय एवं भंडारण में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मेसर्स तिलोकचंद अग्रवाल मंडी बाजार-गौरेला के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों के उल्लंघन से संबंधित विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं।
निरीक्षण में अनुज्ञप्ति प्रमाण-पत्र निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं होना, विक्रय परिसर में कीटनाशी की मात्रा एवं मूल्य प्रदर्शित नहीं होना, निर्धारित प्रारूप में क्रय-विक्रय अभिलेख संधारित नहीं किया जाना, स्टॉक रजिस्टर एवं बिल रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का संधारण निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप नहीं होना तथा नियमित प्रतिवेदन शासन द्वारा निर्धारित समय पर प्रस्तुत नहीं किया जाना जैसी अनियमितताएं पाई गईं।
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कीटनाशी अधिनियम 1968 की धारा-14 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कीटनाशी विक्रय/भंडारण अनुज्ञप्ति क्रमांक-51 को 8 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा किसी भी प्रकार के कीटनाशी का विक्रय एवं भंडारण नहीं किया जा सकेगा। साथ ही प्रतिष्ठान को उपलब्ध कीटनाशियों का नियमानुसार सत्यापन एवं अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना अनुज्ञप्ति की अवधि में किसी भी प्रकार की कीटनाशी संबंधी व्यावसायिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी। विभाग द्वारा आदेश का पालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता अनुसार स्टॉक का निरीक्षण/सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


