हत्या के प्रयास के दोनों आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पकड़ा, घटना में प्रयुक्त हंसिया और बांस का डंडा बरामद
राजनांदगांव। डोंगरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कुमर्दा में पुरानी रंजिश और गाली-गलौज को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर हंसिया एवं बांस के डंडे से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पिता-पुत्र बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक हंसिया और बांस का डंडा भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को राजनांदगांव कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि मारपीट में गंभीर रूप से घायल देवानंद उर्फ देवा कोलियारे को उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेंड्री, राजनांदगांव में भर्ती कराया गया है। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी डोंगरगांव निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर ने पुलिस टीम को अस्पताल भेजकर घायल का बयान दर्ज कराया।
पुरानी रंजिश में किया जानलेवा हमला
घायल देवानंद उर्फ देवा कोलियारे ने पुलिस को बताया कि 14 जुलाई की रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच ग्राम कुमर्दा में पुरानी रंजिश तथा गाली-गलौज और दरवाजा ठोकने की बात को लेकर उसका विवाद हो गया था। इसी दौरान ग्यारूस राम कोलियारे और पूरन कोलियारे ने कथित रूप से हंसिया एवं बांस के डंडे से उस पर हमला कर दिया।
हमले में देवानंद को गंभीर चोटें आईं। आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
दोनों आरोपियों ने कबूला अपराध
घायल के बयान के आधार पर थाना डोंगरगांव पुलिस ने अपराध क्रमांक 229/2026 के तहत बीएनएस की धारा 351(2), 115(2), 109(1) और 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया एक हंसिया और एक बांस का डंडा बरामद कर जब्त किया।
पुलिस ने आरोपी ग्यारूस राम कोलियारे पिता दानीराम कोलियारे, उम्र 58 वर्ष और उसके बेटे पूरन कोलियारे पिता ग्यारूस कोलियारे, उम्र 23 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम कुमर्दा, थाना डोंगरगांव को 16 जुलाई को गिरफ्तार किया।
मामला गैर-जमानती होने के कारण दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उप निरीक्षक पुष्पराज साहू, पीएसआई रमाकांत कुर्रे और प्रधान आरक्षक डेमन चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
