राजनांदगांव जिला अस्पताल के एसएनसीयू का मामला; महिला नर्स ने कलेक्टर, सीएमएचओ और सिविल सर्जन को दी लिखित शिकायत

राजनांदगांव। जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में पदस्थ एक महिला स्टाफ नर्स ने प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रम बैद पर दुर्व्यवहार और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जितेंद्र यादव ने जांच के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन की निगरानी में गठित टीम आरोपों की जांच करेगी।
महिला स्टाफ नर्स ने घटना की लिखित शिकायत कलेक्टर, सीएमएचओ और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन से की है। शिकायत सामने आने के बाद कर्मचारी संगठन ने भी डॉक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

बैठक में समस्याएं बताने पर हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि सोमवार को जिला अस्पताल के एसएनसीयू की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में डॉ. विक्रम बैद सहित अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए थे।
बैठक के दौरान स्टाफ नर्स ने वार्ड में काम करते समय आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। उसने बताया कि एसएनसीयू वार्ड की तीनों शिफ्ट में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी नहीं रहने से नर्सिंग स्टाफ को मरीजों के उपचार और आपातकालीन परिस्थितियों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, नर्स द्वारा समस्याएं उठाए जाने पर डॉ. विक्रम बैद कथित रूप से नाराज हो गए। आरोप है कि उन्होंने बैठक में नर्स के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। नर्स ने अपनी शिकायत में डॉक्टर द्वारा कथित तौर पर “तू मुझे काम करना सिखाएगी” जैसे शब्द कहे जाने का उल्लेख किया है।
घटना से आहत स्टाफ नर्स ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा है कि शिकायत मिलने के बाद डॉक्टर पर लगे आरोपों की जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश सीएमएचओ को दिए गए हैं। जांच के दौरान बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारी संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
महिला नर्स के समर्थन में कर्मचारी संगठन भी सामने आया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर किसी भी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई नहीं होने पर संगठन आंदोलन का रास्ता अपना सकता है।
डॉक्टर पर लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के अधीन हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
इस संबंध में डॉक्टर विक्रम बैद से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया.
