छत्तीसगढ़

DMF से बदल रही कोरबा की तस्वीर: मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया विकास का सबसे बड़ा आधार

By Admin|12 May 2026, 12:44 PM
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कोरबा जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है डीएमएफ – मंत्री लखनलाल देवांगन

डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों को मिली स्वीकृति

रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया सहित शासी परिषद के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की।

बैठक में मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से कोरबा जिले को बड़ी राशि प्राप्त होती है। डीएमएफ अब कोरबा जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुका है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों को इससे नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। मंत्री देवांगन ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोरबा जिले में डीएमएफ के तहत होने वाले सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे हों। निर्माण पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक भी डीएमएफ के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए।

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सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद के माध्यम से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान प्राप्त होगी। जिले में जहां भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य आवश्यक क्षेत्रों में राशि की जरूरत है, वहां इस फंड का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्धारित किए गए केपीआई के अनुरूप तैयार की गई है। जिले में उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को विशेष महत्व दिया गया है और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तथा समय-सीमा में पूर्ण करने के प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि डीएमएफ से संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है तथा निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी कार्यों की प्रगति देखी जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के अभिसरण के साथ उच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में खनन प्रभावित विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लाभ,खेल,अधोसंरचना, बेसलाइन सर्वे, पंचवर्षीय परिपेक्ष्य परियोजना,सड़क सुरक्षा आदि के संबंध में विस्तार से बताया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ एवं पदेन सचिव दिनेश नाग, निगमायुक्त  आशुतोष  पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, प्रशिक्षु आईएएस तरूण किरण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी डीएमएफ के सदस्य श्रीमती किरण मरकाम, पार्षद नरेन्द्र देवांगन भी बैठक में शामिल हुए।

खनिज संपदा से जनकल्याण की नई उड़ान वर्ष 2026-27 के लिए विकास का खाका तैयार

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कलेक्टर सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें खनिज क्षेत्रों के सतत विकास और प्रभावित समुदायों के कल्याण के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह जानकारी दी गई कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तीन चरणों में एक व्यापक बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5 विकास खंडों के 782 गाँवों को कवर कर आगामी पाँच वर्षों की परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की जाएगी। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्माण पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जो एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के रूप में जिले की सभी परियोजनाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग और फंड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।वर्ष 2026-27 के लिए 70 प्रतिशत राशि सीधे तौर पर उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल के लिए आवंटित की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 255 करोड़ रुपये के बजट से 16 पीएम स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी लैब और नीट-जेईई हेतु आवासीय कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 67.18 करोड़ रुपये से मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पेयजल संकट के समाधान हेतु 150 नए ट्यूबवेल और सौर ऊर्जा संचालित पंपों की स्थापना की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एंटी-स्मॉग गन और सघन वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अनुरूप, इन सभी प्रयासों का मुख्य लक्ष्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए स्थायी और आत्मनिर्भर आजीविका के नए अवसर सृजित करना है।

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