मध्य प्रदेशराज्‍य

मोहन सरकार का बड़ा फैसला, लखन पटेल के विभाग में बदलाव; पशुपालन की जगह मिली आनंद विभाग की कमान

By Admin|15 Jul 2026, 12:06 PM
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भोपाल 

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन मंत्री लखन पटेल से उनका विभाग छीन लिया है. सीएम मोहन ने अचानक ये फैसला लिया. मुख्यमंत्री खुद पशुपालन विभाग देखेंगे. लखन पटेल को आनंद विभाग सौंपा गया है। 

गजट अधिसूचना के अनुसार, लखन पटेल के पास सिर्फ आनंद विभाग रहेगा. सरकार की ओर से विभाग वापस लेने के पीछे फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है. यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। 

कौन हैं लखन पटेल?
लखन पटेल की गिनती एमपी बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में होती है. 2013 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पटेल को पथरिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार बनाया. उनका मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार कुंवर पुष्पेंद्र सिंह हजारी से हुआ और वे 7,315 वोटों के मामूली अंतर से जीते. उन्हें कुल 60,083 वोट मिले, जबकि हजारी को 52,768 वोट मिले। 

सरकार की ओर से विभाग वापस लेने के पीछे फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, मंत्री लखन पटेल ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर कहा कि विभाग देना और लेना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार हैं। मुझे नहीं पता कि मुझसे यह विभाग क्यों वापस लिया। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग अपने पास रखा है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल या विभागों के प्रभार में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए
मध्य प्रदेश के दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से विधायक लखन पटेल ने राजनीति में आने से पहले बैंकिंग क्षेत्र में लंबा कार्यकाल बिताया। उन्होंने जबलपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से वर्ष 1978-79 में कृषि विषय से स्नातक (बीएससी एग्रीकल्चर) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कई वर्षों तक सेवाएं दीं। बाद में उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। राजनीतिक जीवन के दौरान वे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष भी रहे। 

दूसरी बार चुनाव जीत कर बने थे मंत्री 
पहला चुनाव भाजपा ने वर्ष 2013 में लखन पटेल को दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था। उन्होंने जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार रामबाई के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2023 के चुनाव में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए दोबारा पथरिया सीट जीत ली और फिर से विधानसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के कैबिनेट में उन्हें स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया था। 
    

2018 के चुनाव में हारे
2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पटेल ने फिर से बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ा, लेकिन बहुजन समाज पार्टी उम्मीदवार रामबाई गोविंद सिंह से 2,205 वोटों के अंतर से हार गए. पटेल को 37,062 वोट मिले, जबकि सिंह को 39,267 वोट मिले. 2023 के विधानसभा चुनाव में पटेल ने एक बार फिर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. ​​उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राव ब्रजेंद्र सिंह को 18,159 वोटों के अंतर से हराया. पटेल को 82,603 ​​वोट मिले और सिंह को 64,444 वोट मिले। 

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