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CG : बिलासपुर में टला बड़ा रेल हादसा, चलती मालगाड़ी के इंजन पर लगी आग, 6 नाबालिग पकड़े गए …

By kadwaghut|05 Nov 2026, 11:53 AM
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बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बच्चों की एक शरारत ने रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उसलापुर और घुटकू रेलवे स्टेशन के बीच लोखंडी फाटक के पास बने ब्रिज से कुछ बच्चों ने गुजरती मालगाड़ी पर साइकिल का टायर फेंक दिया। टायर मालगाड़ी के इंजन के ऊपर जा गिरा और बिजली के संपर्क में आने से उसमें आग लग गई। अचानक तेज चिंगारियां निकलने और धमाके जैसी आवाज सुनाई देने से लोको पायलट सतर्क हो गया। उसने तत्काल मालगाड़ी रोककर स्थिति का जायजा लिया। समय रहते ट्रेन रोक दिए जाने से संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के कारण दो यात्री ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।

सुबह 6 बजे अचानक सुनाई दी धमाके जैसी आवाज जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार, 3 नवंबर की सुबह करीब छह बजे हुई। उस समय कटनी की ओर से बिलासपुर आ रही एक खाली मालगाड़ी लोखंडी फाटक के पास से गुजर रही थी। मालगाड़ी की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी थी। इसी दौरान ब्रिज के ऊपर से फेंका गया साइकिल का टायर इंजन की छत पर गिर गया। बताया जा रहा है कि टायर ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन और पेंटोग्राफ के संपर्क में आया, जिससे तेज स्पार्क हुआ और टायर में आग लग गई। अचानक तेज आवाज सुनकर लोको पायलट ने बिना देरी किए मालगाड़ी रोक दी। नीचे उतरकर जब उसने इंजन की छत की ओर देखा तो वहां टायर का जलता हुआ टुकड़ा नजर आया।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोको पायलट ने तत्काल रेलवे कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी।

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रेलवे और आरपीएफ में मचा हड़कंप घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे कंट्रोल रूम ने उसलापुर आरपीएफ पोस्ट को सूचना दी। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। अधिकारियों की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, तब तक टायर में लगी आग बुझ चुकी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मालगाड़ी जिस स्थान पर रुकी थी, उसके ठीक ऊपर सड़क का ब्रिज मौजूद था। इससे आशंका जताई गई कि किसी ने ब्रिज से ही टायर नीचे फेंका था। रेलवे अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की।

CCTV फुटेज से खुला शरारत का राज घटना के बाद आरपीएफ के सामने सबसे बड़ी चुनौती टायर फेंकने वालों की पहचान करना थी। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद जांच टीम ने ब्रिज के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद लेने का फैसला किया। जानकारी मिली कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे कैमरों की निगरानी पाली स्थित मॉनिटरिंग कक्ष से की जाती है। इसके बाद आरपीएफ की टीम पाली पहुंची और कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर छह नाबालिगों की पहचान हुई। बुधवार, 4 नवंबर को आरपीएफ ने सभी छह बच्चों को पकड़कर उनसे पूछताछ की।

खाली वैगन में फेंकना चाहते थे टायर आरपीएफ की पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उनका इरादा मालगाड़ी के खाली वैगन में साइकिल के टायर का टुकड़ा फेंकने का था। लेकिन टायर वैगन में गिरने के बजाय सीधे इंजन के ऊपर जा गिरा। बिजली के संपर्क में आने के कारण उसमें आग लग गई। सभी छह नाबालिग लोखंडी गांव के रहने वाले बताए गए हैं। रेलवे सुरक्षा बल ने घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की है। बच्चों की इस हरकत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि रेलवे लाइन और बिजली के तारों के आसपास की गई छोटी सी लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। अंबिकापुर और अमरकंटक एक्सप्रेस भी प्रभावित इस घटना का असर केवल मालगाड़ी तक सीमित नहीं रहा। जिस समय मालगाड़ी रुकी थी, उसी मार्ग से अंबिकापुर एक्सप्रेस और अमरकंटक एक्सप्रेस को भी गुजरना था। आगे मालगाड़ी खड़ी होने के कारण दोनों यात्री ट्रेनों को नियंत्रित करना पड़ा। बताया जा रहा है कि करीब आधे घंटे बाद मालगाड़ी को आगे रवाना किया गया। रेलवे लाइन खाली होने के बाद दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन सामान्य हो सका। बड़ी दुर्घटना की आशंका, रेलवे सुरक्षा पर सवाल रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन उच्च वोल्टेज पर काम करती है। ऐसे में इंजन के ऊपरी हिस्से और बिजली के तारों के संपर्क में किसी बाहरी वस्तु का आना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इस घटना में समय रहते लोको पायलट ने मालगाड़ी रोक दी, जिससे स्थिति को संभाल लिया गया। हालांकि, धमाके जैसी आवाज के बावजूद किसी वास्तविक विस्फोट की पुष्टि सामने नहीं आई है। घटना ने रेलवे ब्रिज के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और बच्चों में रेल सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। रेलवे ट्रैक, ओवरहेड बिजली के तार और चलती ट्रेनों के आसपास किसी भी प्रकार की शरारत जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।

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