सफेद बालों से हैं परेशान? सर्दियों में आजमाएं ये घरेलू उपाय …
Hair Care Tips: सर्दियों का मौसम आते ही बालों की देखभाल करना कई लोगों के लिए चुनौती बन जाता है। खासकर जिन लोगों के बाल समय से पहले सफेद होने लगे हैं, वे अक्सर मेहंदी या हेयर कलर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ठंड के मौसम में सिर पर गीली मेहंदी लगाकर लंबे समय तक बैठना हर किसी को पसंद नहीं आता। ऐसे में लोग ऐसे घरेलू उपाय तलाशते हैं, जिनसे बालों की देखभाल भी हो जाए और उन्हें बार-बार मेहंदी लगाने की जरूरत भी न पड़े। नारियल तेल, आंवला, करी पत्ता और कलौंजी जैसी चीजों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है।
आंवले का इस्तेमाल भारतीय घरेलू उपचारों और पारंपरिक हेयर केयर में लंबे समय से होता आया है। आंवले में विटामिन सी और विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। हालांकि, आंवले का सेवन और उसे बालों पर लगाने के प्रभाव अलग-अलग होते हैं। आंवले को तेल में मिलाकर लगाने से सफेद बाल स्थायी रूप से काले हो जाते हैं, इसका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यदि आप सर्दियों में बालों की देखभाल के लिए आंवला तेल इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो बाजार में उपलब्ध किसी विश्वसनीय उत्पाद का चुनाव कर सकते हैं। उत्पाद में मौजूद अन्य सामग्री और उसकी गुणवत्ता की जांच करना जरूरी है। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर परीक्षण करना भी बेहतर रहेगा।
बालों की देखभाल में करी पत्ते का भी खूब इस्तेमाल किया जाता है। कई घरों में करी पत्ते को नारियल तेल में मिलाकर लगाने की परंपरा है। इसके लिए कुछ लोग नारियल तेल में साफ और पूरी तरह सूखे करी पत्ते डालकर धीमी आंच पर गर्म करते हैं। तेल ठंडा होने के बाद उसे छानकर इस्तेमाल किया जाता है। करी पत्ते में कुछ पोषक और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, लेकिन बालों पर लगाने से उनके प्राकृतिक रंग में बदलाव होने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए इसे सफेद बालों का निश्चित इलाज समझने के बजाय पारंपरिक हेयर केयर के रूप में देखना चाहिए।
कलौंजी भी बालों से जुड़े घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल की जाने वाली लोकप्रिय सामग्री है। कुछ लोग कलौंजी के तेल को नारियल तेल के साथ मिलाकर लगाते हैं। हालांकि, सफेद बालों को काला करने में कलौंजी के प्रभाव को लेकर ठोस चिकित्सकीय प्रमाण सीमित हैं। यदि आप कलौंजी तेल का उपयोग करना चाहते हैं, तो पहले थोड़ी मात्रा में त्वचा पर लगाकर देखें। किसी प्रकार की खुजली, लालिमा या जलन होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है या सिर की त्वचा पर पहले से कोई समस्या है, उन्हें नए उत्पाद का उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। मेथी दाना भी बालों की घरेलू देखभाल में काफी लोकप्रिय है। कई लोग मेथी को भिगोकर उसका पेस्ट बनाते हैं या बाजार में उपलब्ध मेथी युक्त हेयर ऑयल का इस्तेमाल करते हैं। मेथी के घरेलू उपयोग से कुछ लोगों को बाल मुलायम महसूस हो सकते हैं, लेकिन सफेद बालों को काला करने के दावे की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। अब सवाल उठता है कि यदि तेल और घरेलू नुस्खे सफेद बालों को स्थायी रूप से काला नहीं कर सकते, तो प्राकृतिक तरीके से बालों को गहरा रंग कैसे दिया जाए? इसके लिए मेहंदी और इंडिगो यानी नील के पौधे से तैयार हेयर डाई का इस्तेमाल एक विकल्प हो सकता है। शुद्ध मेहंदी आमतौर पर बालों को लाल-भूरा रंग देती है, जबकि इंडिगो के साथ इसका सही तरीके से उपयोग करने पर बालों को गहरा भूरा या काला रंग दिया जा सकता है। हालांकि, यह बालों को रंगने की प्रक्रिया है, सफेद बालों को भीतर से प्राकृतिक रूप से काला करने का उपचार नहीं। इसके अलावा बाजार में मिलने वाली कुछ काली मेहंदी में पैरा-फेनिलीनडायमीन यानी PPD जैसे रसायन हो सकते हैं, जिनसे कुछ लोगों को गंभीर एलर्जी हो सकती है। इसलिए किसी भी हेयर डाई का इस्तेमाल करने से पहले उसके घटकों की जांच और निर्धारित निर्देशों के अनुसार पैच टेस्ट करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बालों के सफेद होने का सबसे प्रमुख कारण उम्र बढ़ने के साथ बालों में मेलानिन नामक रंगद्रव्य का कम होना है। मेलानिन ही बालों को उनका प्राकृतिक रंग देता है। इसके अलावा आनुवंशिक कारण, धूम्रपान, पोषण की कमी और कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी समय से पहले बाल सफेद होने में भूमिका निभा सकती हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, सामान्य रूप से सफेद हो चुके बालों का प्राकृतिक रंग वापस लाने के लिए फिलहाल कोई प्रमाणित और प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यदि समय से पहले बाल सफेद होने के पीछे किसी पोषक तत्व की कमी या अन्य उपचार योग्य बीमारी की भूमिका है, तो उसकी पहचान और उपचार लाभदायक हो सकता है। बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए संतुलित आहार लेना भी जरूरी है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी12 और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा होनी चाहिए। साथ ही पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित रखना और धूम्रपान से बचना बालों के समग्र स्वास्थ्य के लिए उपयोगी आदतें हैं। सर्दियों में बाल धोने के लिए बहुत अधिक गर्म पानी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। अत्यधिक गर्म पानी बालों और सिर की त्वचा का रूखापन बढ़ा सकता है। बाल धोने के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल करना और बालों को धीरे-धीरे सुखाना भी उपयोगी हो सकता है। नारियल तेल का इस्तेमाल करने वाले लोग इसे बालों की लंबाई पर हल्के हाथों से लगा सकते हैं। यदि सिर की त्वचा बहुत तैलीय है, रूसी की समस्या है या बालों में तेल लगाने से खुजली बढ़ती है, तो स्कैल्प पर तेल लगाने से बचना बेहतर हो सकता है।
कलौंजी भी बालों से जुड़े घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल की जाने वाली लोकप्रिय सामग्री है। कुछ लोग कलौंजी के तेल को नारियल तेल के साथ मिलाकर लगाते हैं। हालांकि, सफेद बालों को काला करने में कलौंजी के प्रभाव को लेकर ठोस चिकित्सकीय प्रमाण सीमित हैं। यदि आप कलौंजी तेल का उपयोग करना चाहते हैं, तो पहले थोड़ी मात्रा में त्वचा पर लगाकर देखें। किसी प्रकार की खुजली, लालिमा या जलन होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है या सिर की त्वचा पर पहले से कोई समस्या है, उन्हें नए उत्पाद का उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। मेथी दाना भी बालों की घरेलू देखभाल में काफी लोकप्रिय है। कई लोग मेथी को भिगोकर उसका पेस्ट बनाते हैं या बाजार में उपलब्ध मेथी युक्त हेयर ऑयल का इस्तेमाल करते हैं। मेथी के घरेलू उपयोग से कुछ लोगों को बाल मुलायम महसूस हो सकते हैं, लेकिन सफेद बालों को काला करने के दावे की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। अब सवाल उठता है कि यदि तेल और घरेलू नुस्खे सफेद बालों को स्थायी रूप से काला नहीं कर सकते, तो प्राकृतिक तरीके से बालों को गहरा रंग कैसे दिया जाए? इसके लिए मेहंदी और इंडिगो यानी नील के पौधे से तैयार हेयर डाई का इस्तेमाल एक विकल्प हो सकता है। शुद्ध मेहंदी आमतौर पर बालों को लाल-भूरा रंग देती है, जबकि इंडिगो के साथ इसका सही तरीके से उपयोग करने पर बालों को गहरा भूरा या काला रंग दिया जा सकता है। हालांकि, यह बालों को रंगने की प्रक्रिया है, सफेद बालों को भीतर से प्राकृतिक रूप से काला करने का उपचार नहीं। इसके अलावा बाजार में मिलने वाली कुछ काली मेहंदी में पैरा-फेनिलीनडायमीन यानी PPD जैसे रसायन हो सकते हैं, जिनसे कुछ लोगों को गंभीर एलर्जी हो सकती है। इसलिए किसी भी हेयर डाई का इस्तेमाल करने से पहले उसके घटकों की जांच और निर्धारित निर्देशों के अनुसार पैच टेस्ट करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बालों के सफेद होने का सबसे प्रमुख कारण उम्र बढ़ने के साथ बालों में मेलानिन नामक रंगद्रव्य का कम होना है। मेलानिन ही बालों को उनका प्राकृतिक रंग देता है। इसके अलावा आनुवंशिक कारण, धूम्रपान, पोषण की कमी और कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी समय से पहले बाल सफेद होने में भूमिका निभा सकती हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, सामान्य रूप से सफेद हो चुके बालों का प्राकृतिक रंग वापस लाने के लिए फिलहाल कोई प्रमाणित और प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यदि समय से पहले बाल सफेद होने के पीछे किसी पोषक तत्व की कमी या अन्य उपचार योग्य बीमारी की भूमिका है, तो उसकी पहचान और उपचार लाभदायक हो सकता है। बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए संतुलित आहार लेना भी जरूरी है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी12 और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा होनी चाहिए। साथ ही पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित रखना और धूम्रपान से बचना बालों के समग्र स्वास्थ्य के लिए उपयोगी आदतें हैं। सर्दियों में बाल धोने के लिए बहुत अधिक गर्म पानी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। अत्यधिक गर्म पानी बालों और सिर की त्वचा का रूखापन बढ़ा सकता है। बाल धोने के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल करना और बालों को धीरे-धीरे सुखाना भी उपयोगी हो सकता है। नारियल तेल का इस्तेमाल करने वाले लोग इसे बालों की लंबाई पर हल्के हाथों से लगा सकते हैं। यदि सिर की त्वचा बहुत तैलीय है, रूसी की समस्या है या बालों में तेल लगाने से खुजली बढ़ती है, तो स्कैल्प पर तेल लगाने से बचना बेहतर हो सकता है।



