राजनांदगांव : विद्यार्थियों ने जीवों की संरचना, आवास व पारिस्थितिक महत्व के बारे में जाना …
राजनांदगांव l शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के प्राणी शास्त्र विभाग के द्वारा विद्यार्थियों व आमजन में जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को दो दिवसीय जैव विविधता संरक्षण प्रदर्शनी-2026 का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में प्राणी शास्त्र के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने विभिन्न दुर्लभ व महत्वपूर्ण प्राणियों के मॉडल तथा वैज्ञानिक प्रदर्शन सामग्री प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किए गए आकर्षक व ज्ञानवर्धक मॉडल प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण रहे। प्रदर्शनी को देखने के लिए बलदेव प्रसाद मिश्रा स्कूल, शासकीय स्टेट स्कूल के कक्षा 9वीं व 11वीं के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
स्कूली विद्यार्थियों ने विभिन्न प्राणियों के मॉडल को उत्सुकता व रुचि के साथ देखा तथा प्रदर्शित जीवों की संरचना, आवास, भोजन, व्यवहार, अनुकूलन व पारिस्थितिक महत्व के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने कहा कि जैव विविधता केवल विभिन्न प्रकार के जीव-जंतुओं की संख्या नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन, मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है। इस प्रकार की प्रदर्शनी विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर जीव-जगत को प्रत्यक्ष व व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान करती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर रहे प्राणीशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केएल दामले ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए ऐसी गतिविधियां उपयोगी हैं। बताया कि जैव विविधता में प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है और किसी एक प्रजाति का विलुप्त होना पूरे पारिस्थितिक तंत्र को प्रभावित कर सकता है। स्कूली विद्यार्थियों के द्वारा प्रदर्शनी में दिखाई गई रुचि पर कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यालयों व उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच शैक्षणिक संवाद को मजबूत करने में भी सहायक हैं। प्रदर्शनी में प्राणी शास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजय ठीसके, डॉ. माजिद अली, गुरप्रीत सिंह भाटिया ने मॉडल का अवलोकन किया।




