राजनंदगांव : BRICS की सफलता पर सवाल नहीं मिला तो भोजन पर बखेड़ा : अशोक चौधरी
राजनंदगांव भाजपा किसान नेता अशोक चौधरी ने बताया कि देश के आजाद होने के बाद प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के कुछ खास मेहमान लंदन से आए थे, जब मध्य प्रदेश का गठन नहीं हुआ था यह उससे पहले की बात है उस समय मुख्यमंत्री मिश्रीलाल गंगवाल हुआ करते थे। पंडित नेहरू ने मुख्यमंत्री गंगवाल को निर्देशित किया कि यह मेरे खास मेहमान हैं। मध्य प्रदेश में उनकी अच्छी आओ भगत होनी चाहिए और इनके खाने में विभिन्न मांसाहार स्वादिष्ट भोजन मिलना चाहिए।
मिश्रीलाल गंगवाल ने जब यह आदेश देखा तो वह बड़ी सोच में पड़ गए और अंत में उन्होंने पंडित नेहरू को खत लिखकर बताया कि मैं एक शाकाहारी समाज और परिवार से हूं मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा लेकिन मैं मनसाहार जो है आपके मेहमानों को नहीं खिला सकता यह पत्र देखकर पंडित नेहरू हैरान हो गए और वह मिश्रीलाल गंगवाल के सामने अपने आदेश को वापस ले लिया और कहा कि आपके अपने नियम सिद्धांत की निष्ठा को देखा हुए मैं आपको इस आदेश से मुक्त करता हूं।
ब्रिक्स सम्मेलन के सफलतापूर्वक समापन जिसका लोहा कांग्रेस पार्टी समाजवादी पार्टी भी मान लिया है और ब्रिक्स सम्मेलन को सफल बता रहे हैं तब राहुल गांधी यह कहकर बखेड़ा खड़ा कर रहे हैं की विदेशी मेहमानों को मांसाहार क्यों नहीं खिलाया गया। अशोक चौधरी ने कहा कि कहावत है कि खिसयानी बिल्ली खंबा नोचे जब ब्रिक्स के आयोजन में और उसकी सफलता में कोई खामी नहीं निकाल सके तो मांसाहार को लेकर बखेड़ा कर रहे हैं, राहुल गांधी के बुद्धि का दिवालियापन दर्शाता है। राहुल गांधी को अपने नाना प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से सीख लेना चाहिए मोदी जी भी शाकाहारी समाज और परिवार से आते हैं और भारतीय व्यंजनों का शाकाहारी भोजन उन्होंने मेहमानों को कराकर मन मोह लिया है, उन्हें अपने कृत्य पर माफी मांगना चाहिए। भारत की जनता को भी राहुल गांधी और विपक्ष के बेतुके बयान की निन्दा करना चाहिए।



