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लखनऊ में ड्राइविंग टेस्ट की मैनुअल व्यवस्था खत्म, सेंसर से पकड़ी जाएंगी ड्राइवर की गलतियां

By Admin|14 Sep 2026, 3:31 PM
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 लखनऊ
 परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने वालों का सोमवार से वाहन चलाने का टेस्ट ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग सेंटर मौंदा में होगा। अब टेस्ट की व्यवस्था बदल जाएगी। आवेदकों का ट्रांसपोर्ट नगर व देवा रोड एआरटीओ कार्यालय में ट्रैक पर टेस्ट नहीं होगा।

ज्ञात हो कि ट्रांसपोर्ट नगर कार्यालय में 2014 में 20 लाख रुपये की लागत से तैयार कराए गए टेस्ट ट्रैक पर अब रिनीवल यानि नवीनीकरण के लिए आने वाले आवेदकों का टेस्ट होगा।

परिवहन विभाग ने राजधानी में ड्राइविंग टेस्ट की मैनुअल व्यवस्था खत्म कर दिया है। अब कंप्यूटराइज्ड और सेंसर आधारित सिस्टम से नए केंद्र में आटोमेटेड टेस्टिंग होगी। मौंदा केंद्र के ट्रैक पर लगे सेंसर वाहन की गतिविधि और चालक की गलतियों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। साथ ही टेस्ट के परिणाम में मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश कम होगी।

आज से ड्राइविंग टेस्ट शुरू
राजधानी के पहले ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग सेंटर का उद्घाटन 30 जून को परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया था। अब 14 सितंबर से वहां स्थायी डीएल के लिए ड्राइविंग टेस्ट शुरू किया जा रहा है। शुरुआती योजना में प्रतिदिन 150 आवेदकों के टेस्ट की क्षमता थी, इसे बढ़ाकर 300 टेस्ट प्रतिदिन किया गया था।

एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने बताया, पहले आवेदक एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज और बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रैक पर वाहन चलाकर टेस्ट देते थे।

अब उन्हें नए आटोमेटेड ट्रैक पर टेस्ट देना होगा। बायोमीट्रिक व अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया एआरटीओ कार्यालय में ही पूरी होगी। उल्लेखनीय है कि मौंदा स्थित नया केंद्र ट्रांसपोर्ट नगर से नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया होकर सेंटर 12 व कानपुर रोड किसान पथ से 20 किलोमीटर की दूरी पर है।

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