छत्तीसगढ़

अम्बिकापुर : कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक

By Admin|18 Apr 2026, 7:56 PM
f X W

अम्बिकापुर : कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक

चिरायु टीम की करें सतत् मॉनिटरिंग, लापरवाही पर की जाएगी कार्रवाई- कलेक्टर वसंत

टीबी मुक्त लक्ष्य को समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश

स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और रिक्त पदों को शीघ्र भरने के दिए निर्देश

अम्बिकापुर

  कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने जिले की स्वास्थ्य अधोसंरचना, मानव संसाधन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की।

भर्ती प्रक्रिया और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए निर्देशित किया उन्होंने एनएचएम (NHM) के माध्यम से जारी भर्ती प्रक्रिया के साथ ही डीएमएफ (DMF) मद से स्वीकृत  अतिरिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एनएचएम नियुक्तियों के उपरांत खाली रह गए पदों को भरने हेतु तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।

कलेक्टर ने बतौली स्वास्थ्य विभाग के भवन की मरम्मत तत्काल प्रारंभ करने तथा अन्य स्वीकृत भवनों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया गया।

टीबी मुक्त भारत और आयुष्मान भारत अभियान
राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने लक्ष्य आधारित कार्य करने पर जोर दिया, उन्होंने जिले में सक्रिय टीबी मरीजों की जानकारी लेते हुए ’100 डेज कैंपेन’ के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने को कहा। उन्होंने बीएमओ को जनपद सीईओ के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने हेतु पोषण किट ग्राम पंचायत के माध्यम से वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

READ ALSO  आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए शिल्प ग्राम में मिट्टी के दीयों और कलात्मक मूर्तियों की जनमानस कर रहे खरीदारी

कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति, विशेषकर 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए जारी विशेष योजना की समीक्षा की। उन्होंने गैर-संचारी रोग (NCD) के मरीजों को अनिवार्य रूप से आभा (ABHA) आईडी से लिंक करने और इसकी नियमित प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य और विशेषज्ञ सेवाएं
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रों में सोनोग्राफी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हों और संबंधित स्टाफ को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने मातृत्व स्वास्थ्य के प्रतिशत में वृद्धि करने और स्वास्थ्य संस्थाओं की क्षमता के अनुसार ’नाइट डिलीवरी’ (रात्रि प्रसव) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) के मामलों को कारणों सहित चिन्हित कर उनकी सघन मॉनिटरिंग करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजनों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कलेक्टर ने चिरायु टीम को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करें तथा जन्मजात विकृतियों, विभिन्न बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों की शीघ्र पहचान करते हुए प्रभावित बच्चों को समय पर उच्चस्तरीय उपचार सुनिश्चित करें, उन्होंने कहा कि चिरायु टीम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सतत् मॉनिटरिंग करें, कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

शिविरों के माध्यम से सुदूर अंचलों तक पहुंच
कलेक्टर वसंत ने निर्देशित किया कि सुदूर बस्तियों और पहुंच विहीन क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के अनुरूप गुणवत्ता बनाए रखने हेतु स्टाफ को निरंतर अपडेट और प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए।

READ ALSO  सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन, NCDC की बैठक में छत्तीसगढ़ की भागीदारी

बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पी एस मार्को, सिविल सर्जन डॉ जे.के. रेलवानी सहित समस्त बीएमओ और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

2

Back to top button