CG : दादी की डांट से नाराज पोते ने की हत्या, गिरफ्तार …
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम लोहर्सी सतनामी पारा में सोमवार देर रात एक युवक ने कथित तौर पर अपनी ही दादी की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि दादी ने पोते को देर रात घर लौटने और गांव में घूमने की आदत को लेकर डांटा था। इसी बात से नाराज होकर युवक ने उन पर लकड़ी के खाट के खुरे से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने अपने पिता को फोन करके घटना की जानकारी भी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 65 वर्षीय नरबदा कोसले के रूप में हुई है। वह ग्राम लोहर्सी के सतनामी पारा स्थित अपने घर में पोते मृत्युंजय कोसले उर्फ बब्बू के साथ रहती थीं। परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। घर में दादी और पोता ही रह रहे थे। परिजनों के मुताबिक, मृत्युंजय को देर रात तक गांव में घूमने की आदत थी। इस बात को लेकर नरबदा अक्सर उसे समझाती और देर रात बाहर रहने से मना करती थीं। सोमवार रात भी जब मृत्युंजय देर से घर लौटा तो दादी ने उसे टोका। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया।
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी गुस्से में आ गया और उसने कमरे में रखे खाट के लकड़ी के खुरे से दादी के सिर पर कई बार हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने दूसरे शहर में मजदूरी कर रहे अपने पिता सजन कोसले को फोन किया। उसने पिता को बताया कि उसने अपनी दादी की हत्या कर दी है। बेटे से यह बात सुनकर पिता घबरा गए। उन्होंने तत्काल गांव में रहने वाले अपने मामा भागवत महिलांगे से संपर्क किया और उन्हें घर जाकर स्थिति देखने के लिए कहा।
सूचना मिलते ही भागवत महिलांगे कुछ पड़ोसियों के साथ सजन कोसले के घर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि मकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बावजूद दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद उन्होंने खिड़की से घर के अंदर झांककर देखा। कमरे में नरबदा कोसले खून से लथपथ पड़ी थीं, जबकि आरोपी मृत्युंजय भी घर के अंदर मौजूद था। यह दृश्य देखकर परिजन और ग्रामीण घबरा गए। उन्होंने आरोपी से दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी।
इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों के आवाज देने पर आरोपी ने दरवाजा खोला और बाहर निकल आया। इसके बाद वह पुलिस वाहन में बैठ गया। पचपेड़ी पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद मृतका का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने आरोपी मृत्युंजय कोसले को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। परिजनों के अनुसार, आरोपी के पिता सजन कोसले लंबे समय से बेटे की आदतों से परेशान थे। उनका कहना है कि मृत्युंजय देर रात तक घर से बाहर रहता था और कथित तौर पर नशा भी करता था। इसी वजह से परिवार में अक्सर उसे समझाने की कोशिश की जाती थी। परिजनों का यह भी दावा है कि डांटने पर मृत्युंजय पहले खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुका था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामूली पारिवारिक विवाद के बाद हुई इस घटना से गांव में शोक का माहौल है।




