मध्य प्रदेशराज्‍य

सरकारी स्कूलों में पुस्तक परिवहन का मामला गरमाया, तीन दिन के अल्टीमेटम के बावजूद अब तक कार्रवाई लंबित

By Admin|07 Sep 2026, 12:34 PM
f X W

शाासकीय विद्यालयों में पुस्तक परिवहन में भारी गड़बड़ी?, एक माह पहले तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए डीपीसी से ने मांगा स्पष्टीकरण, आज तक नहीं हुई कार्रवाई

Advertisement
Advertisement

कटनी
 शासकीय स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को निशुल्क पुस्तक उपलब्ध कराने के लिए शासन के द्वारा पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिसके तहत ठेका देकर मुख्यालय से निशुल्क पाठ्य पुस्तक स्कूलों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एक समूह को जिला शिक्षा केंद्र के द्वारा प्रदान की गई है। लगभग एक माह पूर्व राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल ने खबर के माध्यम से पुस्तक वितरण घोटाला उजागर करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। जिसको लेकर कलेक्टर की फटकार के बाद जिला शिक्षा केंद्र कटनी के जिला परियोजना समन्वयक के द्वारा जिले के पुस्तक वितरण ठेका समूह से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने का पत्र 3 अगस्त 2026 को जारी किया गया। पत्र जारी हुए एक माह से भी अधिक का समय बीत गया लेकिन आज भी इस गंभीर मामले में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी। पुस्तक वितरण में उजागर गड़बड़ी एवं लगातार हो रही शिकायतों ने एक बार फिर से जिला शिक्षा केंद्र की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
फिर हुई शिकायत
पुस्तक वितरण में हो रही गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर से जिला पंचायत सदस्य मोहिनी देवी पांडे ने कटनी कलेक्टर एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई एवं वसूली की बात कही है। उन्होंने पत्र के जरिए कहा की पुस्तक परिवहन को लेकर जिला शिक्षा केन्द्र कटनी में कार्यरत जिला परियोजना समन्वयक एवं उनके सहयोगियों ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुये वर्ष 2024 से निरंतर चालू वर्ष तक एक ही व्यक्ति को अलग-अलग नाम से परिवहन हेतु निविदा जारी की है। ठेकेदार द्वारा पुस्तकों का परिवहन न कर दबाव बनाकर शिक्षकों से पुस्तकों का परिवहन कराया गया। शिक्षक स्वयं के व्यय से पुस्तकें विद्यालय को उपलब्ध करा रहें है। जिसके चलते शासन की लगभग 75 लाख राशि का मिलीभगत करते हुए दुरूपयोग किया किया गया है।
जांच पर खड़े किए सवाल
शिकायतों एवं खबरों को संज्ञान में लेकर कलेक्टर के निर्देश पर जांच के आदेश जारी हुए इस जांच पर सवाल खड़े करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पांडे ने कहा की जिला परियोजना समन्वयक द्वारा जिला शिक्षा केन्द्र में पदस्थ ए.पी.सी. प्रीति सिंह एवं एक अन्य को जांच हेतु नियुक्त किया गया है जिनकी कार्यशैली विश्वसनीय एवं परदर्शी नहीं है। उन्होंने उक्त जांच जिला शिक्षा केन्द्र से हटकर किसी अन्य विभाग के अधिकारी द्वारा कराकर दोषियों के खिलाफ शासकीय राशि के दुरूपयोग किये जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ अपराधिक मामला पंजीबद्ध कराए जाने एवं ठेकेदार को ब्लेकलिस्टेिड कर किये गये भुगतान की वसूली कराए जाने की मांग की है।
इनका कहना है
इस संबंध में जानकारी देते हुए डीपीसी प्रेम नारायण तिवारी ने कहा कि जांच दल गठित है। जिसका प्रतिवेदन अभी प्राप्त नहीं हुआ है। प्रस्तुत पत्र पर वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। अभी संबंधित एजेंसी को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है।

अगली खबर लोड हो रही है...
READ ALSO  योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर, यूपी में नशे के कारोबार पर प्रहार

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins