Chhattisgarh: भाजपा की संगठनात्मक सूची में कांग्रेस कार्यकर्ता का नाम!
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भाजपा की संगठनात्मक सूची को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ग्राम करजी निवासी कांग्रेस कार्यकर्ता रविशंकर नायक का नाम उनकी सहमति के बिना भाजपा के दरिमा मंडल अनुसूचित जाति मोर्चा की पदाधिकारियों की सूची में शामिल कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद सूची को सोशल मीडिया से हटा दिया गया, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि अब तक भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
राजीव भवन में रविशंकर नायक ने रखा अपना पक्ष
मंगलवार को राजीव भवन में कांग्रेस मीडिया सेल प्रभारी अनूप मेहता के साथ आयोजित पत्रकारवार्ता में रविशंकर नायक ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वे ग्राम करजी के कांग्रेस समर्थित उपसरपंच हैं और लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र के करजी बूथ क्रमांक 169 में कांग्रेस के बूथ लेवल कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय हैं।
रविशंकर नायक के मुताबिक, सोशल मीडिया पर भाजपा की संगठनात्मक सूची देखने के दौरान उन्हें अचानक अपना नाम भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की पदाधिकारियों की सूची में दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता नहीं ली है और न ही भाजपा संगठन में किसी पद के लिए अपनी सहमति दी थी।
भाजपा नेताओं को लिखित में दी जानकारी
नायक ने बताया कि सूची में अपना नाम देखकर उन्होंने मामले की जानकारी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष महेंद्र रवि और दरिमा मंडल अध्यक्ष को लिखित रूप से दी। इसके बाद भाजपा की ओर से सोशल मीडिया पर जारी की गई सूची को हटा दिया गया।
हालांकि, रविशंकर नायक का कहना है कि उनका नाम आखिर किस आधार पर भाजपा की सूची में शामिल किया गया और बाद में सूची क्यों हटाई गई, इस संबंध में अब तक कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
मई में भाजपा जिलाध्यक्ष से भी मिले थे
रविशंकर नायक ने बताया कि उन्होंने मई महीने में सरगुजा जिला भाजपा अध्यक्ष से भी मुलाकात कर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उनका कहना है कि वे शपथपत्र देकर भी यह साबित करने के लिए तैयार थे कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता नहीं ली है।
नायक ने यह भी कहा कि उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है और वे स्वयं कांग्रेस संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
कांग्रेस ने भाजपा से मांगा स्पष्टीकरण
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को भाजपा की संगठनात्मक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल बताते हुए पार्टी से मामले की वास्तविक वजह सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका नाम संगठनात्मक पदाधिकारियों की सूची में शामिल किया गया, तो इसकी जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने भाजपा से बाकायदा भूल-सुधार जारी कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि यह साफ हो सके कि रविशंकर नायक का नाम भाजपा की सूची में किस आधार पर शामिल हुआ था।
फिलहाल मामले को लेकर भाजपा की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संगठनात्मक सूची में रविशंकर नायक का नाम किस प्रक्रिया के तहत शामिल हुआ था।
