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H1N1 का बढ़ा खतरा: लखनऊ में अब तक 13 केस, महिला की मौत के बाद परिवार की निगरानी शुरू

By Admin|28 Aug 2026, 3:35 PM
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लखनऊ 
राजधानी में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे हो सकते हैं। लेकिन सांस लेने में तकलीफ बढ़ना गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय मरीज की तत्काल जांच और इलाज जरूरी है।

सर्दी-जुकाम, बुखार या खांसी पर सावधानी बरतें
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि सर्दी-जुकाम, बुखार या खांसी होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाने और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गंभीर लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू मरीजों के जांच व इलाज के पुख्ता इंतजाम हैं। सिविल में 12 और बलरामपुर अस्पताल में छह बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। इसमें गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा है। जरूरी दवाएं और जांच के इंतजाम हैं। उन्होंने कहा कि सभी अस्पताल स्वाइन फ्लू को अहतियात बरतें। स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की जांच कराएं। घबराएं नहीं।

एक माह में तीन लोगों में संक्रमण
एक महीने में तीन लोग संक्रमण की जद में आ चुके हैं। जबकि जनवरी से अब तक लखनऊ में 13 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें ज्यादातर मरीजों ने सर्दी-जुकाम और इससे जुड़े लक्षणों के बाद सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर से सलाह ली। डॉक्टरों की सलाह पर मरीजों की स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई। एलाइजा जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन मरीजों की निगरानी के साथ लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण के मामले बढ़ते हैं। स्वाइन फ्लू भी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के साथ निकलने वाली संक्रमित बूंदों से फैल सकता है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही नजर आते हैं। ऐसे में लगातार लक्षण बने रहने या स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

महिला के परिवार की भी होगी निगरानी
इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला की बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के बाद सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम अब यह पता लगाएगी कि महिला इस बीच कहां-कहां गई, किन लोगों के सम्पर्क में आई। महिला के संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा सकती है। परिवार के अन्य सदस्यों को फिलहाल आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवारीजनों को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के साथ एहतियात बरतने की सलाह दी है।

संक्रमित सतह छूने से बीमारी फैलने का खतरा
स्वाइन फ्लू को इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) संक्रमण भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने से निकलने वाली बूंदों से फैलता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है।

लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना

खांसी और गले में खराश

नाक बहना या जुकाम

शरीर और मांसपेशियों में दर्द

अत्यधिक कमजोरी और थकान

सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना

गंभीर स्थिति में ऑक्सीजन स्तर कम होना।

बचाव
खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें

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हाथ साबुन से बार-बार धोएं

संक्रमित से दूरी रखें

लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें

इस्तेमाल किए गए रुमाल या टिश्यू को सुरक्षित फेंकें

सांस लेने में परेशानी या हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचें।

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