lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : संस्थागत और औद्योगिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर

    राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर तकनीकी व्याख्यान, प्रशिक्षण एवं जागरूकता पर जोर

    बिलासपुर, राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के अवसर पर द इंस्टीट्यूशन ऑफ  इंजीनियर्स छत्तीसगढ़ राज्य केंद्र द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से चेतना हॉल, पुलिस लाइन बिलासपुर में “संस्थागत, वाणिज्यिक भवनों और उद्योगों में अग्नि सुरक्षा” विषय पर कार्यशाला आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे अग्नि सुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।


           कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। राज्य केंद्र के अध्यक्ष इंजीनियर पुनीत चौबे ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आग से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु जागरूकता और तकनीकी प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। मुख्य वक्ता इंजीनियर अरविंद रस्तोगी ने हाल की अग्नि घटनाओं की केस स्टडी प्रस्तुत करते हुए आग लगने के प्रमुख कारणों, विभिन्न प्रकार की आग के लिए उपयुक्त अग्निशामक यंत्रों तथा कार्यविधि की जानकारी दी। उन्होंने फायर अलार्म सिस्टम की कार्यप्रणाली और इलेक्ट्रिक वाहनों में संभावित अग्नि जोखिमों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।


        संभाग आयुक्त जैन ने कहा कि आधुनिक अग्नि सुरक्षा उपकरणों की स्थापना के साथ-साथ उनके सही संचालन का व्यावहारिक ज्ञान भी अनिवार्य है। आईजी गर्ग ने डिजिटल माध्यमों से युवाओं में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।  कलेक्टर अग्रवाल ने बहुमंजिला आवासीय परिसरों, अस्पतालों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों एवं शासकीय भवनों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता बताई।

    कार्यक्रम में शैक्षणिक संस्थानों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, चिकित्सकों, व्यवसायियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। अंत में मानद सचिव डॉ. अजय त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन ज्योति बाला द्वारा किया गया। बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे तथा संभागीय सेनानी नगर सेना एन.एस. नेताम, कमांडेंट दीपांकर नाथ विशेष रूप में उपस्थित रहे।

  • CG : होली पर्व के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तैनात रहेंगे अफसर

    बिलासपुर, होली पर्व के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी की ड्यूटी विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगाई गई है। कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार तहसीलदार प्रकाश साहू को सिविल लाईन एवं तारबहार, अतिरिक्त तहसीलदार गरिमा ठाकुर को सिरगिट्टी थाना क्षेत्र, अतिरिक्त तहसीलदार प्रकृति धु्रव को कोनी एवं सरकंडा थाना क्षेत्र, अतिरिक्त तहसीलदार आकाश गुप्ता को कोतवाली एवं तोरवा थाना क्षेत्र, नायब तहसीलदार टोपलाल सिदार को पुलिस कंट्रोल रूम के लिए तैनात किया गया है।  

  • CG : सखी वन स्टॉप सेन्टर में भर्ती, दावा आपित्त 5 से 12 मार्च तक

    बिलासपुर, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सखी वन स्टॉप सेन्टर में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच पूरी कर ली गई है। अब इन आवेदनों पर दावा-आपत्ति 5 मार्च से 12 मार्च 2026 तक पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे स्थित कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते है। मूल्यांकन सूची जिले की वेबसाईट बिलासपुर डॉट जीओवी डॉट इन (https://bilaspur.gov.in/) में देखी जा सकती है।

    सखी वन स्टॉप सेंटर के लिए साइको-सोशल काउंसलर, केसवर्कर, पैरा लीगल कार्मिक-वकील, पैरा मेडिकल कार्मिक, कार्यालय सहायक तथा सुरक्षा गार्ड, नाइट गार्ड पदों के लिए 4 जुलाई से 18 जुलाई 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।  

  •  CG : आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती, दावा आपत्ति 11 मार्च तक

    बिलासपुर, एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा अंतर्गत ग्राम पंचायत हथनी के आंगनबाड़ी क्र. 2 में सहायिका के रिक्त पद पर प्राप्त आवेदनों के जांच उपरांत दावा आपत्ति 11 मार्च 2026 तक मंगाये गये है। प्रकाशित सूची कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिल्हा एवं कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है।

  • CG : बिहान की दीदियों ने लगाया हर्बल गुलाल का स्टॉल

    प्राकृतिक रंगो से बने गुलाल को मिल रहा अच्छा प्रतिसाद

    बिलासपुर, होली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए बिहान से जुड़ी स्व सहायता समूह की दीदियों ने जिला पंचायत कार्यालय के सामने हर्बल गुलाल का विशेष स्टॉल लगाया है। इस पहल को आम नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। प्राकृतिक रंगों से तैयार यह गुलाल न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि त्वचा के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है। समूह की दीदियों ने महिलाओं के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं व छत्तीसगढ़ बजट में महिला समूहों के लिए किए गए प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।


    समूह की दीदी सीमा तिवारी और रिंकी श्रीवास ने बताया कि यह हर्बल गुलाल चकरभाठा क्षेत्र की राधा कृष्ण स्व सहायता समूह द्वारा तैयार किया गया है। गुलाल बनाने में अरारोट का उपयोग आधार सामग्री के रूप में किया गया है और इसमें ऐसे प्राकृतिक रंग मिलाए गए हैं, जो त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते। रासायनिक रंगों से होने वाली एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याओं को देखते हुए इस बार लोगों में हर्बल गुलाल के प्रति विशेष उत्साह देखा जा रहा है। लोग अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर्बल गुलाल खरीदना पसंद कर रहे हैं। रंगों की गुणवत्ता, मुलायम बनावट और किफायती दाम के कारण ग्राहकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। दीदियों के अनुसार, यह स्टॉल 3 मार्च को भी जिला पंचायत कार्यालय के सामने लगाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग सुरक्षित और प्राकृतिक गुलाल खरीद सकें।


            दीदियों ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। समूह के माध्यम से शासन की ओर से मिलने वाली ऋण राशि से ग्रामीण महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक निर्भरता हासिल कर रही है। त्योहारों के समय ऐसे उत्पाद तैयार कर वे अतिरिक्त आय कमा रही हैं। साथ ही लोगों को हर्बल गुलाल का सुरक्षित विकल्प उपलब्ध करा रही हैं। महिला समूह की सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं तथा हाल ही में छत्तीसगढ़ के बजट में महिला स्व सहायता समूहों के लिए किए गए विशेष प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार भी जताया।

  • CG : किसानों को समृद्धि का उपहार-कृषक उन्नति योजना से खातों में पहुंची अंतर राशि

    सोनी वर्मा को मिली 1.82 लाख अंतर राशि, तो रामप्रसाद के लिए बना होली यादगार त्यौहार

    रंगों के साथ खुशहाली-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को दी बड़ी सौगात

    रायपुर ,

     किसानों को समृद्धि का उपहार-कृषक उन्नति योजना से खातों में पहुंची अंतर राशि कबीरधाम जिले के किसानों के लिए इस बार की होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि समृद्धि का त्यौहार बनकर आई है। कृषक उन्नति योजना के जरिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों के खातों में धान की अंतर राशि भेजकर उनके त्योहार को खास बना दिया है। जैसे ही किसानों के मोबाइल पर राशि जमा होने का मैसेज आया, गांवों में खुशियां छा गई। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह रही कि पैसा सीधे बैंक खाते में पहुंचा, जिससे किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े।


          ग्राम नवडीह के किसान सोनी कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष लगभग 250 क्विंटल धान बेचा है। होली से पहले उनके खाते में 1 लाख 82 हजार रुपए की अंतर राशि जमा हुई है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि एकमुश्त राशि मिलने से उनकी होली और भी अच्छी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस पैसे का उपयोग वे गन्ना की खेती के लिए बेहतर किस्म के बीज मंगाने में करेंगे, जिससे आने वाले समय में उनकी फसल और अच्छी होगी।


         इसी तरह कबीरधाम जिले के ग्राम बानों के किसान रामप्रसाद पाली ने भी योजना के तहत राशि मिलने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जैसे ही मोबाइल पर राशि जमा होने का संदेश मिला, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। होली जैसे बड़े त्यौहार से पहले यह आर्थिक सहयोग उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। रामप्रसाद पाली ने बताया कि इस राशि से वे खेती के जरूरी काम पूरे करेंगे और परिवार की जरूरतें भी पूरी कर पाएंगे।

    उन्होंने कहा कि योजना का पैसा सीधे खाते में आने से उन्हें किसी प्रकार की भागदौड़ नहीं करनी पड़ी। इससे किसानों का सरकार पर विश्वास और मजबूत हुआ है। कृषक उन्नति योजना ने न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है, बल्कि त्यौहार के मौके पर उनके जीवन में नई खुशियां भी भर दी हैं।

  • CG : सेवा और समर्पण भाव के कारण भारतीय डॉक्टरों को देश के बाहर भी मिलता है सम्मान – डेका

    राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर दिया बल

    राज्यपाल रमेन डेका ने रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया

    रायपुर,

    राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया

    राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स रायपुर में रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स एक विश्वसनीय संस्थान रहा है। जब हम सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थानों की बात करते हैं एम्स का नाम सबसे ऊपर होता है। यह गर्व का विषय है कि भारत के सभी राज्यों में एम्स की स्थापना हो चुकी है। एम्स रायपुर में इलाज हेतु आए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस लिहाज से इस संस्थान को और बड़ी जगह की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं राज्य शासन को यह सलाह दूंगा कि नवा रायपुर में एम्स की स्थापना के लिए भूमि आबंटित करें, ताकि बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिल सकें।

                   राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसिलिटी की स्थापना पर बल दिया, ताकि हृदय रोगियों को अपने ही प्रदेश में बेहतर इलाज मिल सकें और उन्हें प्रदेश के बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अथवा एम्स में सुपर स्पेशलिटी कार्डियक फैसीलिटी की स्थापना की जा सकती है।

                  डेका ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की बढ़ोतरी के कारण प्रदेश में मृत्यु दर में आशानुकूल कमी आई है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है ताकि हम वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बना सकें। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने होंगे, चाहे वह चिकित्सा का क्षेत्र हो, इंजीनियरिंग का क्षेत्र हो या अंतरिक्ष विज्ञान। डेका ने डॉक्टरों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आप सभी ऐसे नोबेल प्रोफेशन में हैं जो सीधे लोगों की भलाई से जुड़ा हुआ है।

    आज भी समाज का एक बड़ा तबका डॉक्टरों को भगवान मानता है। देश के बाहर भी भारतीय डॉक्टरों का नाम सम्मान से लिया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारे सुप्रशिक्षित और समर्पित डॉक्टर हैं। हमारे भारतीय डॉॅक्टर हमेशा मरीजों के बेहतर इलाज को प्राथमिकता देते है जो उनकी सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने अपनी माता जी का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब मेरी माता जी बीमार रहा करती थीं जब का मेरा अनुभव है कि डॉक्टरों को देखते ही उनकी आधी परेशानी खत्म हो जाती थी। यह डॉक्टरों पर आम लोगों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।

                  डेका ने इस अवसर पर भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नये प्रतिमान स्थापित करता रहें और निरंतर मरीजों की सेवा में तत्परता से जुटा रहे ऐसी मेरी कामना है। इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे।

  • CG : राज्यपाल रमेन डेका ने रेडक्रॉस सोसायटी संरक्षक के रूप में सदस्यता ग्रहण की

    रायपुर, रमेन डेका ने आज रेडक्रॉस सोसायटी के संरक्षक के रूप में सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने संरक्षक सदस्य के रूप में आज कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को 25 हज़ार रुपये का चेक प्रदान किया। इस दौरान राज्यपाल ने रेडक्रॉस की वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश चौधरी भी मौजूद रहे।

  • CG : नागझर व्यपवर्तन और फुलझर जलाशय के कार्य के लिए 5.67 करोड़ रुपए स्वीकृत

    रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा गरियाबंद जिले की दो सिंचाई योजना के लिए 5 करोड़ 67 लाख 15 हजार रुपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-छुरा की नागझर व्यपवर्तन के शीर्ष कार्य मरम्मत एवं मुख्य नहरों का रिमॉडलिंग एवं सीमेंट कांक्रीट लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 86 लाख 11 हजार रुपए स्वीकृत किए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 61 हेक्टेयर के विरूद्ध 46 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।

    इसी तरह से विकासखण्ड-मैनपुर की फुलझर जलाशय का शीर्ष कार्य का जीर्णोद्धार एवं मुख्य नहर एवं शाखा नहरों का जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 81 लाख 4 हजार रूपए स्वीकृत किए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 158 हेक्टेयर के विरूद्ध 68 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा बचत जल से 10.99 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सहित कुल 168.99 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।

  • CG : बस्तर की खुशबू और हर्बल रंगों से महकेगी होली

    जगदलपुर कलेक्टोरेट में सजे स्व-सहायता समूहों के विशेष स्टॉल

    रायपुर

    जगदलपुर कलेक्टोरेट में सजे स्व-सहायता समूहों के विशेष स्टॉल

    रंगों के महापर्व होली की आहट के साथ ही बस्तर में उत्सव का माहौल बनने लगा है। इस वर्ष होली को सुरक्षित और स्थानीय हुनर के साथ यादगार बनाने के लिए जगदलपुर स्थित कलेक्टोरेट परिसर में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हर्बल गुलाल और फैंसी सामग्री के विक्रय हेतु विशेष स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉल्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ उपलब्ध गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक तत्वों से निर्मित है, जो रसायनों के दुष्प्रभावों से मुक्त और त्वचा के लिए पूर्णतः सुरक्षित है।


    परिसर में सजे इन स्टॉल्स पर न केवल विभिन्न रंगों के सुगंधित हर्बल गुलाल मिल रहे हैं, बल्कि होली के लिए विशेष फैंसी सामग्री और बच्चों के आकर्षण के केंद्र भी उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन की इस पहल के माध्यम से जहाँ एक ओर आम नागरिकों को शुद्ध और मिलावट रहित रंगों का विकल्प मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त मंच भी प्रदान किया गया है। स्थानीय संसाधनों और फूलों-पत्तियों के अर्क से तैयार यह गुलाल बस्तर की माटी की खुशबू को त्यौहार के उल्लास में घोल रहा है।


    प्रशासन और स्व-सहायता समूहों ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और अधिकारी-कर्मचारियों से विनम्र अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन स्टॉल्स पर पधारें। आपकी एक छोटी सी खरीदी न केवल आपकी होली को रंगों से सराबोर करेगी, बल्कि बस्तर की मेहनतकश महिलाओं के जीवन में भी आर्थिक समृद्धि और खुशियों के नए रंग भरेगी। वोकल फॉर लोकल के संकल्प को सार्थक करते हुए इस बार की होली प्राकृतिक रंगों और स्थानीय प्रेम के साथ मनाने के लिए लोगों को आमंत्रित किया गया है।

  • CG : पान की विलुप्त होती खेती को नया जीवन, छुईखदान में पान अनुसंधान केन्द्र की स्थापना

    रायपुर

    छुईखदान में पान अनुसंधान केन्द्र की स्थापना

    खैरागढ़  छुईखदान, गंडई जिले के विकासखण्ड छुईखदान में पूर्व में पान की खेती व्यापक रूप से की जाती थी, किन्तु तकनीकी मार्गदर्शन के अभाव एवं आवश्यक प्लांटिंग मटेरियल की उपलब्धता न होने के कारण यह परंपरागत खेती धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी। पान की इस पारंपरिक फसल को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023-24 में विकासखण्ड छुईखदान में पान अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की घोषणा की गई। यह केन्द्र रानी अवंती बाई लोधी कृषि महाविद्यालय छुईखदान में स्थापित किया गया है।

    पान उत्पादक कृषकों को प्रोत्साहित करने के लिए शेडनेट हाउस अधोसंरचना निर्माण हेतु 50 प्रतिशत विभागीय अनुदान प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में 7 कृषकों द्वारा प्रति कृषक 500 वर्गमीटर क्षेत्रफल में शेडनेट हाउस का निर्माण कराया गया है, जिसके लिए प्रति कृषक 1.77 लाख रुपये का अनुदान उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रदान किया गया है। इनमें से 6 कृषक वर्तमान में पान की खेती कर रहे हैं। इस पहल से पान उत्पादक कृषक प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी अनुकूल वातावरण में पान की खेती कर बेहतर आय अर्जित कर सकेंगे।

    आवश्यक प्लांटिंग मटेरियल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय के सहयोग से जिले में स्थापित शासकीय उद्यान रोपणी कुकुरमुड़ा एवं बीरूटोला में भी पान की खेती का प्रदर्शन प्लॉट तैयार किया जा रहा है।

    जिला प्रशासन द्वारा इस विशेष पहल की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।  कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा समय-समय पर स्थल निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही, रानी अवंती बाई लोधी कृषि महाविद्यालय छुईखदान के विषयवस्तु विशेषज्ञों द्वारा कृषकों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है, जिससे जिले में पान की खेती को पुनः स्थापित कर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

  • CG : 15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई

    9.22 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित
    उल्लंघनकारी उद्योगों पर पखवाड़े भर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की कड़ी कार्रवाई

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा क्षेत्रांतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की नियमित एवं सतत निगरानी की जा रही है। 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 की अवधि में किए गए नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षणों के दौरान विभिन्न उद्योगों में वायु एवं जल प्रदूषण संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मंडल द्वारा कड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मंडल द्वारा 15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।


    स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाई
             ग्राम चरौदा, तहसील एवं जिला रायपुर स्थित स्पंज आयरन उद्योग मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
            मेटल पार्क, रावांभाठा में 11 इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जिनमें मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 09 स्लैग क्रशर, 01 बाइंडिंग वायर इकाई एवं 01 स्टील फर्नीचर इकाई बिना मंडल की वैध सम्मति एवं प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। इन कुल 11 इकाईयों के विरुद्ध वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) एवं जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।


    सिलतरा एवं उरला क्षेत्र में भी कार्रवाई
            सिलतरा स्थित इण्डक्शन फर्नेस उद्योग मे० एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर 19 फरवरी 2026 को उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार उरला-गोंदवारा स्थित इण्डक्शन फर्नेस एवं सीसीएम उद्योग मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में वायु प्रदूषण पाए जाने पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।

    9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
               छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा कार्रवाई के अतिरिक्त निमयों का उल्लंघन अवधि के लिए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपण की भी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में कुल 03 उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 रूपए की क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया गया है कि जब तक वे पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।
             छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण निरंतर जारी रहेगी तथा किसी भी उद्योग से प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल निस्सारण पाए जाने पर वायु एवं जल अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • CG : कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

    रायपुर,

    कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने धोन्धा प्रतापपुर में किया कृषि महाविद्यालय का भूमि पूजन

        छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने आज धोन्धा प्रतापपुर में बहुप्रतीक्षित कृषि महाविद्यालय का विधिवत भूमि पूजन संपन्न किया। उनके द्वारा आज 889.53 लाख राशि से निर्मित होने वाले कृषि महाविद्यालय भवन प्रतापपुर (धोन्धा) व 602.10 लाख  से निर्मित होने वाले बालक एवं कन्या छात्रावास भवन प्रतापपुर (धोन्धा) का भूमि पूजन किया गया। 


                        इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणी देवपाल सिंह पैंकरा, जिला पंचायत सदस्य लवकेश पैंकरा, क्षेत्र के किसान, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
                        भूमि पूजन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि यह दिन धोंधा प्रतापपुर और संपूर्ण क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि पर कृषि महाविद्यालय की स्थापना से किसान बंधुओं की आने वाली पीढ़ियों के लिए उच्च कृषि शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे।


                        मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस महाविद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती के तरीके और कृषि विज्ञान की उच्चस्तरीय शिक्षा अब उनके अपने गृह जिले में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जाएगा।


                         इस अवसर पर प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि महाविद्यालय की स्थापना उनके क्षेत्र के लिए एक स्वप्न के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय के लिए प्रयास आज सफल हुआ है जिसमें कृषि मंत्री राम विचार नेताम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने ग्रामवासियों एवं किसान बंधुओं से कहा कि अब उनके बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। विधायक पोर्ते ने यह भी कहा कि यह महाविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के कृषि विकास और युवाओं के उज्जवल भविष्य की नींव भी रखेगा।

    उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। इस कृषि महाविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को कृषि विज्ञान, उद्यानिकी, पशुपालन और ग्रामीण प्रबंधन जैसे विषयों में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। अब दूरदराज के ग्रामीण विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

  • CG : भालू अटैक से बकरी चरवाहे की मौत …

    कोरबा। जिले में कथित तौर पर भालू के हमले में एक ग्रामीण युवक की मौत हो गयी। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत केंदई वन परिक्षेत्र के सखोदा परिसर में कथित तौर पर भालू के हमले में एक युवक संतोष कुमार गोंड (26) की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि सलाईगोट गांव निवासी संतोष रविवार सुबह लगभग 11 बजे बकरियां चराने के लिए जंगल की ओर गया था। दोपहर बाद लगभग दो बजे बकरियां घर वापस लौट गईं, लेकिन संतोष कुमार के नहीं लौटने पर परिजनों ने ग्रामीणों और वन विभाग को इसकी सूचना दी।

    उन्होंने बताया कि वन विभाग को सूचना मिलने के बाद क्षेत्र के रेंजर अभिषेक दुबे और वन विभाग का दल ग्रामीणों के साथ युवक की खोज में रवाना हुआ और आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे जंगल के भीतर सखोद परिसर में संतोष का शव बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि शव के करीब जंगली जानवर के पैरों के निशान पाए गए, जिससे आशंका जताई जा रही है कि संतोष का सामना भालू से हो गया था। भालू के हमले में ही उसकी मौके पर मौत हो गई।

    अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। कटघोरा क्षेत्र के वनमंडल अधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि नियमानुसार जंगली जानवर के हमले में जनहानि पर दी जाने वाली तात्कालिक सहायता राशि 25 हजार रुपये संतोष के परिजनों को प्रदान कर दी गई है। नियमानुसार सभी औपचारिकता पूरी होने के बाद उन्हें शेष 5.75 लाख रुपये दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग ने लोगों से जंगल क्षेत्र में सावधानी बरतने की अपील की है।

  • CG : कोरिया में मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों के ’फेस ऑथेंटिकेशन’ से लग रही हाजिरी

    कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी कदम

    कोरिया , पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय नई दिल्ली एवं कमिश्नर मनरेगा तारण प्रकाश सिन्हा के निर्देशानुसार पंजीकृत श्रमिकों के लिए चल रहे प्रत्येक कार्यस्थल पर आज से फेस अथेंटिकेशन प्रक्रिया अपनाकर हाजिरी लगाने का कार्य आरंभ हो गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत तकनीकी के प्रयोग से पारदर्शिता की ओर आगे बढ़ते हुए जल्द यह पूरी योजना वीबी जी राम जी में उन्नत हो जाएगी। कोरिया जिले में आज सभी ग्राम पंचायतों में हो रहे कार्यों मे संलग्न प्रत्येक श्रमिक की आनलाइन हाजिरी फेस अथेंटिकेशन प्रक्रिया के तहत की जा रही है। यह सभी निर्माण एजेंसियो कें अंतर्गत कार्य कर रहे श्रमिकों के लिए भी अनिवार्य हो गई है। 

    ’ईकेवाईसी से सभी श्रमिक अपडेट’
    आनलाइन पोर्टल पर श्रमिकों के दर्ज डेटा अनुसार कोरिया जिले के सभी 55 हजार पंजीकृत श्रमिक परिवारों के सत्यापन का कार्य कराया गया। सभी श्रमिकों को उनके आधार कार्ड और खाते के अनुसार ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कर सत्यापन का कार्य पूर्ण किया गया है। अब इन परिवारों के श्रमिकों को आज से प्रत्येक कार्यस्थल पर अपने फेस अथेंटिकेशन के माध्यम से हाजिरी लगाने की कार्यवाही से जोड़ लिया गया है। 

    ’श्रमिक के लिए सत्यापन अनिवार्य’
    महात्मा गांधी नरेगा जो अब वीबी जी राम जी के उन्नत तौर पर लागू होने जा रही है उसमें प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक के लिए उसके जॉब कार्ड का सत्यापन और नवीनीकरण हेतु ईकेवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मार्च 2026 से लागू होने वाले नए नियमों के तहत केवल उन्हीं श्रमिकों के नाम मस्टररोल में शामिल किए जाएंगे, जिनका ईकेवाईसी पूर्ण हो चुका है।

    ’एनएमएमएस ऐप के जरिए डिजिटल हाजिरी’
    राज्य शासन के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 01 मार्च 2026 से जारी होने वाले मस्टररोल में श्रमिकों की उपस्थिति एनएमएमएस ऐप के माध्यम से ’फेस ऑथेंटिकेशन’ (चेहरा प्रमाणीकरण) आधारित प्रक्रिया द्वारा ही दर्ज की जा रही है। प्रत्येक कार्यस्थल पर इस नई तकनीक के सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्व से ही जिला और जनपद स्तर के प्रोग्रामर्स को विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर दिया गया और इन्होने जिले में कार्यरत प्रत्येक तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, बीएफटी और मेट को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित किया है। यह प्रक्रिया सभी निर्माण एजेंसियों में चल रहे कार्यों में भी अनिवार्य तौर पर लागू कर दी गई है। 

    ’तकनीकी से बढ़ी पारदर्शिता’
    कोरिया जिले में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में लागू फेस अथेंटिकेशन हाजिरी के बारे में जानकारी देते हुए जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि वीबीजीरामजी के उन्नत स्वरूप में आगे बढ़ती हुई इस योजना में तकनीकी के प्रयोग से पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सभी कार्यक्रम अधिकारियों को विशेष तौर पर निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक श्रमिक का ईकेवाईसी पूर्ण रखें जिससे कोई भी श्रमिक कार्य की मांग से वंचित ना हो। उन्होने बताया कि इस तरीके को अपनाने से श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान पाने में आसानी होगी।

  • CG : विभागीय जांच में उपस्थित होने हेतु सार्वजनिक सूचना जारी’

    कोरिया , अमेरिका बाई, ग्राम छोटी-कोनी, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा केन्द्रीय जेल अम्बिकापुर के प्रहरियों के विरुद्ध की गई शिकायत के संबंध में विभागीय जांच संस्थित की गई है। जांच अधिकारी के रूप में सहायक जेल अधीक्षक, जिला जेल बैकुण्ठपुर को नियुक्त किया गया है। 
    उक्त प्रकरण में शिकायतकर्ता को कथन/प्रतिपरीक्षण/बयान हेतु तीन बार पंजीकृत डाक के माध्यम से सूचना प्रेषित की गई, किंतु वे निर्धारित तिथियों पर उपस्थित नहीं हुईं।

    अतः सार्वजनिक सूचना के माध्यम से सूचित किया जाता है कि 11 मार्च 2026 को प्रातः 11 बजे जिला जेल बैकुण्ठपुर में आयोजित विभागीय जांच की कार्यवाही में उपस्थित होकर अपना कथन प्रस्तुत करें। निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में विभागीय जांच की अग्रिम कार्यवाही नियमानुसार पूर्ण की जाएगी।

  • CG : नौगाई में पेयजल क्रांति की ओर मजबूत कदम, ग्रामीणों को जल्द मिलेगा हर घर शुद्ध पानी

    एमसीबी / जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरौली के ग्राम नौगाई में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ और स्थायी बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए निर्मित परिसंपत्तियों के विधिवत हस्तांतरण से पूर्व आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को निर्बाध, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो तथा भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या आपूर्ति संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।


    मरम्मत कार्य योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें संरचनात्मक मजबूती, पाइप लाइन सुधार, जल स्रोतों की सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार के निर्देशानुसार यह संपूर्ण कार्य सहायक अभियंता ए.एस. सिदार एवं उप अभियंता मनमोहन सिंह के सतत मार्गदर्शन में किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता और समयबद्धता बनी रहे। वहीं जिला परियोजना समन्वयक (CDAT) रितेश डिक्सेना अपनी टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, जिससे कार्य सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूर्ण हो सके।


    इस सुदृढ़ीकरण कार्य के पूर्ण होने के पश्चात ग्राम नौगाई के ग्रामीणों को हर घर तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह पहल न केवल ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पेयजल के लिए होने वाली दैनिक परेशानियों से भी राहत दिलाएगी। गांव में स्वच्छ जल उपलब्धता से जीवन स्तर में सुधार, समय की बचत और समग्र ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। नौगाई में पेयजल क्रांति की ओर मजबूत कदम, ग्रामीणों को जल्द मिलेगा हर घर शुद्ध पानी।

  • CG : 15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद और विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई …

    रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा क्षेत्रांतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की नियमित एवं सतत निगरानी की जा रही है। 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 की अवधि में किए गए नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षणों के दौरान विभिन्न उद्योगों में वायु एवं जल प्रदूषण संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मंडल द्वारा कड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मंडल द्वारा 15 दिनों में 15 उद्योगों पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।

    स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाई ग्राम चरौदा, तहसील एवं जिला रायपुर स्थित स्पंज आयरन उद्योग मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई। मेटल पार्क, रावांभाठा में 11 इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जिनमें मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 09 स्लैग क्रशर, 01 बाइंडिंग वायर इकाई एवं 01 स्टील फर्नीचर इकाई बिना मंडल की वैध सम्मति एवं प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। इन कुल 11 इकाईयों के विरुद्ध वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) एवं जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।

    सिलतरा एवं उरला क्षेत्र में भी कार्रवाई सिलतरा स्थित इण्डक्शन फर्नेस उद्योग मे० एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर 19 फरवरी 2026 को उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार उरला-गोंदवारा स्थित इण्डक्शन फर्नेस एवं सीसीएम उद्योग मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में वायु प्रदूषण पाए जाने पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।

    9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा कार्रवाई के अतिरिक्त निमयों का उल्लंघन अवधि के लिए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपण की भी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में कुल 03 उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 रूपए की क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। संबंधित उद्योगों को निर्देशित किया गया है कि जब तक वे पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण निरंतर जारी रहेगी तथा किसी भी उद्योग से प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल निस्सारण पाए जाने पर वायु एवं जल अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • CG : बस्तर की कला को नई ऊंचाई देने कलेक्टर आकाश छिकारा पहुंचे बादल एकेडमी, कलाकारों का बढ़ाया मनोबल

    जगदलपुर, बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और युवाओं को कला के क्षेत्र में दक्ष बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर आकाश छिकारा ने आसना स्थित बादल एकेडमी (बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट, लिटरेचर एंड लैंग्वेज) का गहन अवलोकन किया। इस भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने एकेडमी परिसर में संचालित हो रही विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का जायजा लिया और वहां मौजूद कला साधकों से सीधा संवाद स्थापित किया।

                कलेक्टर के इस भ्रमण का विशेष अवसर भित्तिचित्र कार्यशाला का समापन रहा, जहां उन्होंने प्रदेश भर से आए 50 प्रतिभागियों से मुलाकात की। इन प्रतिभागियों ने कार्यशाला के दौरान भित्तिचित्र कला का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया था। कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की सराहना करते हुए कलेक्टर छिकारा ने कहा कि प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करना समय की मांग है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कलाकारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनके कौशल की प्रशंसा की।

             कलेक्टर ने भित्तिचित्र के साथ-साथ एकेडमी में चल रहे गोदना कला के प्रशिक्षण सत्र का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने गोदना शिल्प के प्रशिक्षुओं से बातचीत कर उनके अनुभव जाने और इस पारंपरिक विधा को जीवंत बनाए रखने के प्रयासों पर चर्चा की। कलेक्टर ने एकेडमी के अधिकारियों के साथ भविष्य की रूपरेखा पर विमर्श करते हुए संस्थान की गतिविधियों को और अधिक व्यापक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकेडमी को बस्तर की कला, गीत-संगीत, साहित्य और भाषा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए नई योजनाओं को जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच और अवसर प्राप्त हो सके।

  • CG : नौगाई में पेयजल क्रांति की ओर मजबूत कदम, ग्रामीणों को जल्द मिलेगा हर घर शुद्ध पानी …

    एमसीबी। जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरौली के ग्राम नौगाई में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ और स्थायी बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए निर्मित परिसंपत्तियों के विधिवत हस्तांतरण से पूर्व आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को निर्बाध, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो तथा भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या आपूर्ति संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।

    मरम्मत कार्य योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें संरचनात्मक मजबूती, पाइप लाइन सुधार, जल स्रोतों की सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार के निर्देशानुसार यह संपूर्ण कार्य सहायक अभियंता ए.एस. सिदार एवं उप अभियंता मनमोहन सिंह के सतत मार्गदर्शन में किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता और समयबद्धता बनी रहे। वहीं जिला परियोजना समन्वयक (CDAT) रितेश डिक्सेना अपनी टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, जिससे कार्य सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूर्ण हो सके।

    इस सुदृढ़ीकरण कार्य के पूर्ण होने के पश्चात ग्राम नौगाई के ग्रामीणों को हर घर तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह पहल न केवल ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पेयजल के लिए होने वाली दैनिक परेशानियों से भी राहत दिलाएगी। गांव में स्वच्छ जल उपलब्धता से जीवन स्तर में सुधार, समय की बचत और समग्र ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। नौगाई में पेयजल क्रांति की ओर मजबूत कदम, ग्रामीणों को जल्द मिलेगा हर घर शुद्ध पानी

    इस सुदृढ़ीकरण कार्य के पूर्ण होने के पश्चात ग्राम नौगाई के ग्रामीणों को हर घर तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह पहल न केवल ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पेयजल के लिए होने वाली दैनिक परेशानियों से भी राहत दिलाएगी। गांव में स्वच्छ जल उपलब्धता से जीवन स्तर में सुधार, समय की बचत और समग्र ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। नौगाई में पेयजल क्रांति की ओर मजबूत कदम, ग्रामीणों को जल्द मिलेगा हर घर शुद्ध पानी

    एमसीबी/02 मार्च 2026/ जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरौली के ग्राम नौगाई में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ और स्थायी बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए निर्मित परिसंपत्तियों के विधिवत हस्तांतरण से पूर्व आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को निर्बाध, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो तथा भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या आपूर्ति संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।

    मरम्मत कार्य योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें संरचनात्मक मजबूती, पाइप लाइन सुधार, जल स्रोतों की सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार के निर्देशानुसार यह संपूर्ण कार्य सहायक अभियंता ए.एस. सिदार एवं उप अभियंता मनमोहन सिंह के सतत मार्गदर्शन में किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता और समयबद्धता बनी रहे।

    वहीं जिला परियोजना समन्वयक (CDAT) रितेश डिक्सेना अपनी टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, जिससे कार्य सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूर्ण हो सके। इस सुदृढ़ीकरण कार्य के पूर्ण होने के पश्चात ग्राम नौगाई के ग्रामीणों को हर घर तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित होगी। यह पहल न केवल ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पेयजल के लिए होने वाली दैनिक परेशानियों से भी राहत दिलाएगी। गांव में स्वच्छ जल उपलब्धता से जीवन स्तर में सुधार, समय की बचत और समग्र ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।