छत्तीसगढ़

मोहला : खाता में शामिल सभी खसरों का एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य, तभी बेच सकेंगे धान …

By lokesh sharma|14 Jul 2026, 11:38 AM
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मोहला । कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर एग्रीस्टेक पंजीयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी, राजस्व निरीक्षक, डीडीए, एडीए, एसएडीओ,आरएईओ सहित दोनों विभागों के जिला एवं मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीयन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार

खाता में शामिल सभी खसरों का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना एग्रीस्टेक पंजीयन के किसान धान का विक्रय नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों को पंजीयन कार्य में तेजी लाने, किसानों को जागरूक एवं प्रेरित करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों से आधार अपडेट कराने एवं नया मोबाइल नंबर आधार से लिंक कराने कहा, ताकि पंजीयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

        कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले के किसानों से अपील की है कि जिन किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन अथवा किसी भी खाते का पंजीयन अभी शेष है, वे इसे अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। किसान अपने नजदीकी सीएससी केंद्र, समिति या संबंधित आरएईओ से संपर्क कर स्वयं भी पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

      बैठक में कलेक्टर ने बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के तहत संचालित हितग्राहीमूलक एवं परिवारमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सर्वे एवं सत्यापन कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ करने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान बताया गया कि बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के अंतर्गत आय, जाति, निवास, मतदाता एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, वनाधिकार पट्टा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कुल 41 योजनाओं के लिए सर्वे एवंu सत्यापन का कार्य किया जा रहा है।

-फर्जीवाड़ा रोककर खरीदी में पारदर्शिता लाना

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कृषि विभाग के अनुसार समर्थन मूल्य पर खरीदी के समय किसान की पहचान बायोमेट्रिक सत्यापन से होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक किसानों की पहचान करना, फर्जी या दोहराव वाले पंजीयन रोकना तथा खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। एग्री स्टेक पंजीयन किसान स्वयं भी कर सकते हैं और कॉमन सर्विस सेंटर या कृषि विभाग की मदद से भी करा सकते हैं। आईडी बनने के बाद उसकी स्थिति पोर्टल पर देख सकते है। वर्तमान में खेतों में पहुंचकर एग्रीस्टेक पंजीयन के सबंध में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी किसानो को जानकारी दे रहे हैं।

  • ऋण पुस्तिका, आधार व लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य

जिन किसानों ने अब तक एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं कराया है, उन्हें ऋण पुस्तिका के साथ आधार कार्ड ले जाकर कॉमन सर्विस सेंटर में जरूरी प्रोसेस कराना होगा। इसके लिए लिंक मोबाइल नंबर बताना होगा। पहले सिर्फ मुखिया को पंजीयन कराना होता था। जिसके आधार पर समर्थन मूल्य पर धान बेचते थे लेकिन अब जितने भी नाम शामिल है, सभी का पंजीयन अनिवार्य है। अगर किसी किसान का जमीन तीन स्थानों में है तो उसके तीन बकेट आईडी बनेगी , तीनो बकेट आईडी में शामिल समस्त खसरों का अपने समस्त सहखातेदारों के साथ पंजीयन करना पड़ेगा, तभी धान विक्रय संभव होगा।

  • सूची ग्राम पंचायत व सेवा सहकारी समिति में चस्पा एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए खातेदारों, सह खातेदारों एवं खाते के सभी खसरा नंबर का पंजीयन अनिवार्य कराना है। छूटे हुए खातेदार, सह खातेदारों, किसानों की ग्राम पंचायत व समिति में चस्पा होने के साथ-साथ हल्का पटवारी एवं आरएईओ के पास भी उपलब्ध है। राजस्व व कृषि विभाग के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए सभी श्रेणी के किसानों के लिए एग्रीस्टेक (किसान आईडी) पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है।
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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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