आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
182.98 करोड़ रुपए अतिरिक्त भुगतान
कर्मचारियों को दी जाने वाली ओवर टाइम की राशि 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें लगभग 101.20 करोड़ रुपए ओवरटाइम, 12.21 करोड़ रुपए बोनस, 54.46 करोड़ रुपए अतिरिक्त चार कार्यदिवस और 15.11 करोड़ रुपए सर्विस चार्ज के जारी किए गए थे। उक्त रकम में एक बड़ा हिस्सा कथित कमीशन के तौर पर एक सिंडिकेट के माध्यम से विभिन्न लोगों तक पहुंचाया गया था।

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निगम के पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने उन्हें विशेष अदालत में पेश किया, जहां से 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड मंजूर की गई है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह मामला वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के ओवरटाइम, अतिरिक्त कार्य दिवसों के भुगतान, बोनस तथा सर्विस चार्ज के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को किए गए कथित अनियमित भुगतानों से जुड़ा है। आरोप है कि इन मदों में 172 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया और इसका एक हिस्सा कथित रूप से कमीशन के रूप में एक सिंडिकेट तक पहुंचाया गया।
EOW-ACB ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय दंड संहिता (IPC) की जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों में पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी की भूमिका सामने आने के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।
जांच की कड़ी उस समय और मजबूत हुई, जब वर्ष 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर में कार्रवाई के दौरान 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इस संबंध में राज्य शासन को भेजी गई जानकारी के आधार पर EOW-ACB ने प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। अब पुलिस रिमांड के दौरान अरुणपति त्रिपाठी से वित्तीय लेन-देन, निर्णय प्रक्रिया, कथित कमीशन नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ से मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
