छत्तीसगढ़

बेमेतरा में अवैध उर्वरक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 275 बोरी यूरिया जब्त; किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार सजग

By Admin|05 Jul 2026, 9:16 AM
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रायपुर

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 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 275 बोरी यूरिया जब्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सु प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक  मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

इसी अभियान के तहत प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो, तहसील देवकर में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर संपूर्ण उर्वरक को विधिवत जब्त कर लिया गया तथा संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा निम्न गुणवत्ता की सामग्री बाजार में न पहुंचे।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी संस्था इस प्रकार की अनियमितता करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

कलेक्टर सु प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन पूरे जिले में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत प्राप्त होते ही बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा, कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में चल रही इस तरह की सतत कार्रवाई न केवल कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत करेगी कि सरकार उनकी मेहनत, उनकी फसल और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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जिला प्रशासन ने किसानों एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

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