‘लेडी सिंघम’ की राजनीति में एंट्री? दिग्गज नेता से मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म…..

‘लेडी सिंघम’ की राजनीति में एंट्री? दिग्गज नेता से मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म…..
पूर्व IPS अधिकारी काम्या मिश्रा की संजय कुमार झा के साथ तस्वीर आई सामने, शिष्टाचार भेंट के सियासी मायने निकाले जा रहे; राजनीति में आने की आधिकारिक पुष्टि नहीं
पटना। बिहार की पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा की वजह उनकी पुलिस सेवा नहीं, बल्कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा से हुई मुलाकात है। दोनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद काम्या मिश्रा के राजनीति में प्रवेश को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अब तक न तो काम्या मिश्रा और न ही जदयू की ओर से उनके राजनीति में आने की कोई आधिकारिक घोषणा की गई है।
संजय झा से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल
सामने आई जानकारी के अनुसार, संजय कुमार झा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर काम्या मिश्रा के साथ तस्वीर साझा करते हुए बताया कि पूर्व दरभंगा ग्रामीण एसपी काम्या मिश्रा ने पटना स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की और दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
भले ही इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस सेवा छोड़ चुकीं काम्या मिश्रा अब राजनीति में नई पारी शुरू करने की तैयारी कर रही हैं? फिलहाल इस सवाल का कोई पुष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
कौन हैं काम्या मिश्रा?
ओडिशा की रहने वाली काम्या मिश्रा 2019 बैच की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी रही हैं। उन्होंने महज 22 वर्ष की उम्र में पहले प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की थी। परीक्षा में उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर 172वीं रैंक मिली थी।
शुरुआत में उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर आवंटित हुआ था, लेकिन बाद में उनका स्थानांतरण बिहार कैडर में हो गया। वे पटना सचिवालय में भी पुलिस अधिकारी के रूप में पदस्थ रहीं।
मार्च 2024 में काम्या मिश्रा को दरभंगा की पहली ग्रामीण पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया था। पुलिस सेवा के दौरान उनकी कार्यशैली को लेकर उन्हें मीडिया में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी पहचान मिली।
चर्चित हत्याकांड की जांच से आई थीं सुर्खियों में
दरभंगा में पदस्थापना के दौरान विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या के मामले की जांच में काम्या मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।
अगस्त 2024 में दिया था इस्तीफा
काम्या मिश्रा ने अगस्त 2024 में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए आईपीएस सेवा से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार नहीं किया गया। बाद में उन्हें 180 दिनों का अवकाश दिया गया।
करीब सात महीने बाद 27 मार्च 2025 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही उनकी आईपीएस सेवा समाप्त हो गई।
क्या अब राजनीति में शुरू होगी नई पारी?
पुलिस सेवा छोड़ने के बाद काम्या मिश्रा के भविष्य को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। अब जदयू के वरिष्ठ नेता संजय कुमार झा के साथ उनकी तस्वीर सामने आने से राजनीतिक संभावनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, किसी राजनीतिक नेता से मुलाकात को पार्टी में शामिल होने या चुनाव लड़ने की तैयारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। काम्या मिश्रा की ओर से राजनीतिक भविष्य को लेकर स्पष्ट बयान आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
फिलहाल यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के रूप में ही सामने आई है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में काम्या मिश्रा सार्वजनिक जीवन में कोई नई भूमिका अपनाती हैं या इन चर्चाओं पर विराम लग जाता है।




