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CG : भिलाई स्टील प्लांट बिकने की खबरों पर बड़ा खुलासा, इस्पात मंत्रालय ने किया साफ; जानें क्या है पूरा सच …

By kadwaghut|19 Oct 2026, 11:28 AM
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रायपुर : छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान और गौरव का प्रतीक भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) को बेचने की कथित योजना से जुड़ी खबरों को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण सामने आया है। सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया प्रकाशनों में संयंत्र को बेचे जाने संबंधी दावों को भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने असत्य और भ्रामक बताया है। इस्पात मंत्रालय ने भी इन दावों का खंडन किया है। वहीं, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने ऐसी खबरों को झूठा और निराधार करार दिया है। 18 अक्टूबर को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की योजना से संबंधित प्रसारित दावों में कोई सच्चाई नहीं है। संयंत्र प्रबंधन ने कर्मचारियों, उनके परिवारों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को आगे साझा करने से बचें।

सोशल मीडिया पर फैली खबरों का मंत्रालय ने किया खंडन भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की कथित योजना को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की सूचनाएं प्रसारित हो रही थीं। कुछ प्रिंट मीडिया प्रकाशनों में भी इस संबंध में खबरें सामने आई थीं। इन दावों को लेकर इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की है। मंलय ने संयंत्र को बेचने संबंधी खबरों का खंडन किया है। इसके अलावा पीआईबी की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन दावों को गलत बताया है। इससे स्पष्ट है कि प्रसारित खबरों को आधिकारिक पुष्टि के बिना विश्वसनीय नहीं माना जाना चाहिए।

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कर्मचारियों और जनता से संयंत्र प्रबंधन की खास अपील भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने कर्मचारियों, हितधारकों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। प्रबंधन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली अपुष्ट जानकारी अनावश्यक भ्रम पैदा कर सकती है। विशेष रूप से किसी बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान के भविष्य से संबंधित भ्रामक खबरों का असर कर्मचारियों और उनके परिवारों की चिंताओं पर पड़ सकता है। संयंत्र प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए इस्पात मंत्रालय, सेल और अन्य प्रमाणित आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान है भिलाई स्टील प्लांट भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अपनी स्थापना के बाद से ही इस संयंत्र ने प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभाई है। संयंत्र ने प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ सहायक उद्योगों और उनसे जुड़े कारोबारों के विकास में भी योगदान दिया है। हजारों परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस औद्योगिक व्यवस्था से जुड़ी रही है। भिलाई शहर के विकास और उसकी औद्योगिक पहचान को स्थापित करने में भी संयंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

देश के इस्पात उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की प्रमुख इकाइयों में शामिल भिलाई इस्पात संयंत्र देश की औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत बनाने में योगदान देता रहा है। संयंत्र की भूमिका केवल इस्पात उत्पादन तक सीमित नहीं है। इससे जुड़े रोजगार, परिवहन, व्यापार और सहायक औद्योगिक गतिविधियों का भी स्थानीय अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि संयंत्र के भविष्य से संबंधित किसी भी खबर का महत्व छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र और उससे जुड़े लोगों के लिए काफी अधिक है। अफवाह से बचने की सलाह संयंत्र प्रबंधन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं को आगे प्रसारित न करें। किसी भी समाचार, सोशल मीडिया पोस्ट या संदेश को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें। फिलहाल 18 अक्टूबर को जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण के मुताबिक, भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की योजना संबंधी प्रसारित खबरें असत्य और भ्रामक हैं। इस्पात मंत्रालय तथा पीआईबी फैक्ट चेक के खंडन के बाद संयंत्र प्रबंधन ने सभी से अफवाहों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।

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