उत्तर प्रदेशराज्‍य

योगी सरकार के सहयोग और निजी प्रयास से सरकारी स्कूल में दीं कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं

By Admin|12 Oct 2026, 7:43 PM
f X W

मेरठ
नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के बीच शक्ति के उस रूप को भी नमन करने का अवसर है, जो बिना किसी शोर के समाज की तकदीर बदलने में जुटा है। मां दुर्गा जहां सृजन, साहस और संकल्प की प्रतीक हैं, वहीं शिक्षा के मंदिर में इन्हीं मूल्यों को साकार कर रही हैं मेरठ के रजपुरा ब्लॉक स्थित रजपुरा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पा यादव। उन्होंने साबित किया है कि मां दुर्गा की भांति संकल्प मजबूत हो तो सरकारी स्कूल को भी रणभूमि बनाकर अशिक्षा रूपी दानव का संहार किया जा सकता है। मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से सरकारी स्कूल भी बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का केंद्र बन सकते हैं। योगी सरकार के ऑपरेशन कायाकल्प से मिली मदद और अपने निजी प्रयासों से पुष्पा यादव ने विद्यालय की तस्वीर बदलने के साथ गांव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया है। यहां बच्चे पढ़ाई के साथ खेल, योग, कला, संगीत और अंग्रेजी वार्तालाप जैसी गतिविधियों से भी अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं।

गांव की चौखट से शिक्षा के नए मुकाम तक
ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना अपना संकल्प बना चुकीं पुष्पा यादव बताती हैं कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मिली सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने के साथ उन्होंने निजी संसाधनों से भी विद्यालय को संवारने में योगदान दिया। साफ-सफाई, बेहतर फर्नीचर और पढ़ाई के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया। उनका प्रयास है कि गांव के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वे अवसर मिलें, जिनके लिए अभिभावक अक्सर निजी स्कूलों का रुख करते हैं।

READ ALSO  अंत्योदय से आत्मनिर्भरता की डगर: कमजोर तबकों को मजबूत सहारा, राशन बना बराबरी का आधार

कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं, सरकारी स्कूल में बढ़ा भरोसा
विद्यालय में बच्चों को अंग्रेजी वार्तालाप में निपुण बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े। गतिविधि आधारित शिक्षण से पढ़ाई को रुचिकर बनाया जा रहा है। कला, संगीत और पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों में भी बच्चों को भाग लेने के अवसर मिलते हैं। मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुविधाओं के जरिए विद्यालय बच्चों की प्रतिभा निखारने का केंद्र बन रहा है। वर्तमान में यहां करीब डेढ़ सौ बच्चे अध्ययनरत हैं।

खेल और योग से निखर रहा बच्चों का व्यक्तित्व
पुष्पा कहती हैं कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ शारीरिक गतिविधियां भी जरूरी हैं। इसी सोच के तहत विद्यालय में इंडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खेलों से बच्चों में अनुशासन, सहयोग और टीम भावना विकसित होती है। प्रार्थना सभा के दौरान योगाभ्यास की व्यवस्था भी की है। इससे बच्चों को एकाग्रता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कला और संगीत जैसी गतिविधियां उनकी रचनात्मकता को निखारती हैं। इस तरह विद्यालय में मानसिक और शारीरिक विकास पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।

पुस्तकालय में खुल रही ज्ञान की नई दुनिया
बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए विद्यालय में पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें पुष्पा यादव के परिवार के सदस्य और मित्र भी निजी स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराकर सहयोग कर रहे हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को विज्ञान, इतिहास, भूगोल, विभिन्न धर्मों और महापुरुषों की जीवनियों के बारे में जानने का अवसर मिलता है। इससे विद्यार्थियों का ज्ञान पाठ्यक्रम से आगे बढ़ता है और उनमें नई चीजें जानने की जिज्ञासा विकसित होती है।

READ ALSO  लघु और सीमांत किसानों के लिए खुशखबरी, 5 लाख किसानों को सस्ते कृषि ऋण का लाभ देने का लक्ष्य

पीटीएम से मजबूत हुआ अभिभावकों का भरोसा
बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल महत्वपूर्ण है। इसे ध्यान में रखते हुए पुष्पा यादव ने विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी पीटीएम की नियमित शुरुआत की। इन बैठकों में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और प्रगति की जानकारी मिलती है। शिक्षक भी बच्चों की जरूरतों और समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में काम कर सकते हैं। नियमित संवाद से विद्यालय और परिवार के बीच समन्वय मजबूत होता है और बच्चों की पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ती है।

निजी प्रयासों से बढ़ा नामांकन, संवर रहा भविष्य
विद्यालय में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए बाल वाटिका बनाई गई है। इसके माध्यम से बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया जाता है। साफ-सफाई, नैतिक शिक्षा और अच्छी आदतों पर भी जोर दिया जाता है, ताकि विद्यार्थी जिम्मेदार नागरिक बन सकें। पुष्पा यादव की पहल बताती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग, निजी प्रयास और बच्चों के प्रति समर्पण मिलकर विद्यालय की तस्वीर बदल सकते हैं। नवरात्र में मां दुर्गा की शक्ति और संकल्प का संदेश पुष्पा यादव के कार्यों में भी दिखाई देता है। उनकी पहल इस बात की मिसाल है कि समर्पित शिक्षिका का संकल्प न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे समाज के भविष्य को रोशन कर सकता है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button