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बिहार में विकास परियोजनाओं को रफ्तार, दरभंगा एयरपोर्ट के पास बनेगा लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब

By Admin|12 Oct 2026, 8:01 PM
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पटना
 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब बनाने के लिए करीब 226 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है।

वहीं, पांच साल की रखरखाव अवधि पूरी कर चुकी ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और देखरेख के लिए ग्रामीण सड़क अनुरक्षण एवं प्रबंधन कार्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया गया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का भी जिला और क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार किया जाएगा।

दरभंगा में कार्गो हब के लिए बढ़ी राशि
दरभंगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब बनाने के लिए 49.9973 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

इसके लिए 225 करोड़ 91 लाख 30 हजार 742 रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। पहले 50.0004 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए 138 करोड़ 73 लाख 77 हजार 534 रुपये मंजूर किए गए थे। जमीन के मुआवजे की गणना बढ़ने के कारण अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।

इस परियोजना से मिथिला और उत्तर बिहार के कृषि उत्पादों को हवाई मार्ग से दूसरे राज्यों और बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को लाभ मिलने के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

पुरानी ग्रामीण सड़कों की होगी मरम्मत
ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कों के रखरखाव के लिए ग्रामीण सड़क अनुरक्षण एवं प्रबंधन कार्यक्रम (आरआरआरएमपी) लागू किया जाएगा।

इसके तहत उन ग्रामीण सड़कों की नियमित मरम्मत, नवीनीकरण और रखरखाव किया जाएगा, जिनकी पांच साल की अनुरक्षण अवधि पूरी हो चुकी है या भविष्य में पूरी होगी।

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इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण सड़कों को खराब होने से बचाना, उनकी उपयोगिता बनाए रखना और सरकारी राशि का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे गांवों में सड़क संपर्क को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

जिलों तक पहुंचेगा आईटी विभाग
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का जिला और क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार किया जाएगा। इसके लिए बिहार सूचना प्रौद्योगिकी अवर सेवा नियमावली के तहत व्यवस्था विकसित की जाएगी।

प्रमंडल, जिला और प्रखंड स्तर पर तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के साथ सरकारी आईटी परियोजनाओं को लागू करने, उनकी निगरानी और विभागों के बीच समन्वय का काम किया जाएगा।

इससे सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर तकनीकी समस्याओं का समाधान आसान होगा।

 

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