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CG : पत्नी का हत्यारा पति जेल में ही रहेगा, बिलासपुर हाईकोर्ट ने खारिज की अपील …

By kadwaghut|06 Aug 2026, 3:23 PM
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बिलासपुर: पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आरोपी हरिश्चंद्र खुंटे को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने उसकी आपराधिक अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष के प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की गवाही मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्यों से पूरी तरह पुष्ट होती है। ऐसे में दोषसिद्धि में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। अभियोजन के अनुसार, 11 मार्च 2020 को गौरी बाई खुंटे अपनी ड्यूटी के लिए किम्स अस्पताल गई थीं। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से संबंध सामान्य नहीं थे। घटना वाले दिन हरिश्चंद्र ने गौरी से अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने ड्यूटी खत्म होने के बाद आने की बात कही।

ड्यूटी समाप्त होने के बाद गौरी अपने नाबालिग बेटे प्रफुल्ल के साथ मायके जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में हरिश्चंद्र ने उन्हें रोक लिया और धारदार लोहे के हथियार चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में गौरी के सिर पर दस गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने घटना के प्रत्यक्षदर्शी नाबालिग बेटे प्रफुल्ल की गवाही को विश्वसनीय माना। न्यायालय ने कहा कि उसकी बातों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों से भी होती है, जिससे अभियोजन का पूरा घटनाक्रम साबित होता है।

खंडपीठ ने माना कि आरोपी द्वारा धारदार हथियार से लगातार किए गए वार हत्या की स्पष्ट मंशा को दर्शाते हैं। इसलिए ट्रायल कोर्ट का निर्णय पूरी तरह उचित है। हाईकोर्ट ने प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर द्वारा 3 दिसंबर 2024 को दिए गए फैसले को सही ठहराया। ट्रायल कोर्ट ने हरिश्चंद्र खुंटे को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। हाईकोर्ट ने इस सजा में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी।

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