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महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल, झारखंड में बांटे जा रहे एगकार्ट

By Admin|21 Sep 2026, 9:53 PM
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रांची
 राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति (एनईसीसी) ने झारखंड के लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की है। राज्य के छह जिलों में अंडा को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ महिलाओं को इस व्यवसाय से जोड़ा है। इसके लिए एनईसीसी ने किसान उत्पाद संघ या स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को एगकार्ट यानी अंडा बेचने का ठेला दिया है।

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एनईसीसी ने राज्य में प्रदान संस्था की ओर से कार्यरत सीएलएफ (कलस्टर लेवल फेडरेशन) के जरिए महिलाओं का चयन किया है। राज्य के रांची, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम, गोड्डा जिले में दस-दस एगकार्ट दिया गया है।

एनईसीसी के सीओओ ए कुमार ने बताया कि राज्य की महिलाएं काफी मेहनती है और प्रदान के जरिए उन्होंने महिलाओं को रोजगार देने के लिए पहल की है। उनकी संस्था की मंशा है कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। इसलिए यह कार्यक्रम झारखंड में किया जा रहा है। पूरे देश में इस साल 2300 एगकार्ट बांटा गया है। जिसके लिए कंपनी ने 11 करोड़ रुपये खर्च किया है।

उन्होंने बताया कि झारखंड के प्रत्येक जिलों में 250 एगकार्ट बांटने की योजना है। जिससे लगभग तीन साल में पूरा किया जाए। अगले वित्तीय वर्ष में राज्य के 24 जिलों में 25 एगकार्ट दिए जाने की योजना है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिनको यह एगकार्ट मिला है, वह साल में कुछ पैसे बचाकर अपने समूह को दें, ताकि दूसरी महिलाओं को भी इस तरह का एगकार्ट खरीदने में आसानी हो। ए कुमार ने बोकारो की एक महिला का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब छह माह में ठेले की कमाई से जनरल स्टोर भी खोल लिया है और काफी प्रसन्न भी हैं।

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इस दौरान वेंकेटश्वर हेचरी के एजीएम कालू चरण जेना, एनईसीसी के मार्केटिंग मैनेजर विनोद पांडेय, लाइव स्टाक कोऑर्डिनेटर डॉ. रईस अहमद, प्रदान के टीम कोऑर्डिनेटर सुकांत कर्मकार, प्रदान के जिला लाइवलीहुड एक्पर्ट धीरज घोष और जेएसएलपीएस के वीपीएम मुकेश कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे।

सीएलएफ ने किया लाभुकों का चयन
प्रदान के कृषि योजना सेल के लीडर सुजीत कुमार दास ने बताया कि लाभुक महिलाओं को चयन सीएलएफ की ओर से किया गया है। इस योजना की जानकारी के बाद ग्रामसभा की बैठक में इसकी जानकारी दी गई। फिर महिलाओं से आवेदन मांगा गया।

इस बात की जांच की गई कि लाभुक इस काम को करने में समक्ष है या नहीं। उसके बाद फिर सीएलएफ ने उनके नाम को स्वीकृति प्रदान की। इस पर सीएलएफ की ओर से निगरानी की जाएगी, ताकि अगर किसी लाभुक को एगकार्ट चलाने में कोई समस्या आ रही है, तो उसे मदद की जा सके।

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