Rajnandgaon : परंपरागत व्यवसाय को नई तकनीक से जोड़ने की पहल, फुटवियर निर्माण एवं मरम्मत पर राज्य स्तरीय शिविर आयोजित
प्रदीप शर्मा बोले—युवाओं को पारंपरिक हुनर से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी
खैरागढ़। ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत बहुलक एवं रसायन आधारित उद्योग के तहत फुटवियर निर्माण एवं मरम्मत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविदास भवन, रविदास वार्ड खैरागढ़ में एक दिवसीय राज्य स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ रविदास समाज इकाई खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से जुड़े करीब 200 परिवारों के सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के रायपुर राज्य कार्यालय के सहयोग से किया गया। सहायक निदेशक संजीव शर्मा के निर्देशन में आयोजित शिविर में विभागीय प्रतिनिधियों के साथ समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रकाश भैयार ने बताया कि शिविर का उद्देश्य फुटवियर निर्माण एवं मरम्मत के परंपरागत व्यवसाय से जुड़े लोगों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशिक्षण के माध्यम से परंपरागत कौशल को वर्तमान बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सकता है।
युवाओं को परंपरागत व्यवसाय से जोड़ने पर जोर
छत्तीसगढ़ बेस्ट वालेंटियर पुरस्कार से सम्मानित प्रदीप शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी धीरे-धीरे अपने परंपरागत व्यवसायों से दूर हो रही है। ऐसे में इन व्यवसायों को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीक और सरकारी योजनाओं से जोड़ना आवश्यक है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो सकें।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा लेदर व्यवसाय से जुड़े परिवारों के साथ कुम्हार, बढ़ई एवं महिला समूहों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
शिविर के दौरान फुटवियर निर्माण के इच्छुक लोगों को लेदर टूल किट, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी दी गई। करीब 20 इच्छुक प्रतिभागियों को एक माह के आधुनिक फुटवियर निर्माण प्रशिक्षण के लिए आगरा भेजे जाने के संबंध में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मशीन उपलब्ध कराने की योजना से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
विशेषज्ञों ने बताए रोजगार के अवसर
रविदास समाज के अध्यक्ष रघुवन राडेकर ने कहा कि समाज के परंपरागत कौशल को आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की जरूरत है। शिविर में विशेषज्ञों ने फुटवियर निर्माण प्रक्रिया, नई तकनीक, बाजार की संभावनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान खादी और ग्रामोद्योग आयोग से गोवर्धन तथा परम्परा शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से यश शर्मा एवं सालु बंजारे ने इच्छुक लोगों को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग किया। आवेदकों से फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक पासबुक सहित आवश्यक दस्तावेज लेकर आवेदन जमा कराए गए।
कार्यक्रम का संचालन सतीश कुमार टाण्डेकर ने किया। इस दौरान रविदास समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य एवं समाजजन उपस्थित रहे।
राज्य स्तरीय जागरूकता शिविर के माध्यम से फुटवियर निर्माण एवं मरम्मत के परंपरागत व्यवसाय से जुड़े परिवारों को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी, टूल किट, मशीन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।











