राजस्थानराज्‍य

उदयपुर के महासतिया में राजपरिवार का अंतिम संस्कार, भव्य छतरियां बताती हैं मेवाड़ का गौरव

By Admin|16 Sep 2026, 10:01 PM
f X W

उदयपुर
मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की मां और अरविंद सिंह मेवाड़ की पत्नी विजयराज कुमारी के देवलोकगमन के बाद एक बार फिर उदयपुर का 'महासतिया' स्थल चर्चा में है। दरअसल, यहां विजयराज कुमारी के पार्थिव शरीर को पारंपरिक रीति-रिवाजों और राजशाही सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए इसी ऐतिहासिक स्थान पर लाया गया। मेवाड़ के इतिहास और गौरवशाली परंपराओं को अपने आंचल में समेटे 'महासतिया' केवल एक मोक्ष स्थल नहीं, बल्कि स्थापत्य कला और पूर्व राजघरानों की अमर गाथाओं का एक जीवंत प्रतीक है।

Advertisement
Advertisement

जानिए कहां है उदयपुर का 'महासतिया'
महासतिया, उदयपुर शहर के प्राचीन आहड़ (आयड़) क्षेत्र में प्रसिद्ध गंगू कुंड के पास स्थित है। यह स्थान सदियों से मेवाड़ राजपरिवार का शाही श्मशान स्थल (शाही समाधि स्थल) रहा है। यहां राजपरिवार के सदस्यों, महाराणाओं, महारानियों और राजकुमारों के अंतिम संस्कार के बाद उनकी याद में भव्य और कलात्मक छतरियों (स्मारकों) का निर्माण कराया जाता है।

सबसे पहले महाराणा अमर सिंह प्रथम का यह हुआ था अंतिम संस्कार
इतिहास के पन्नों को पलटें और विद्वानों से मिली जानकारी के अनुसार तो उदयपुर की स्थापना के बाद शुरुआती दौर में महाराणाओं के समाधि स्थल अलग-अलग जगहों पर थे। लेकिन महासतिया में सबसे पहले महाराणा अमर सिंह प्रथम का अंतिम संस्कार किया गया था। महाराणा अमर सिंह प्रथम, महान योद्धा महाराणा प्रताप के पुत्र थे। वर्ष 1620 में जब महाराणा अमर सिंह प्रथम का निधन हुआ, तो उनका अंतिम संस्कार इसी स्थान पर किया गया। तभी से यह परंपरा लगातार चली आ रही है और राजपरिवार के सभी महाराणाओं और सदस्यों का दाह संस्कार इसी पावन और ऐतिहासिक परिसर में किया जाता है।

READ ALSO  गया नहीं जा सकते तो भी करें पिंडदान! बिहार में शुरू हुई ई-पिंडदान सुविधा, जानें पूरी डिटेल

हेरिटेज लुक और भव्य छतरियां है पहचान
बताया जाता है कि महासतिया परिसर अपनी संगमरमर और बलुआ पत्थरों से बनी खूबसूरत छतरियों के लिए जाना जाता है। यहां लगभग 19 से अधिक महाराणाओं की भव्य छतरियों सहित सैकड़ों ऐतिहासिक छतरियां बनी हुई हैं, जो मेवाड़ की स्थापत्य शैली का अद्भुत नमूना पेश करती हैं। इनमें महाराणा अमर सिंह प्रथम, महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय, महाराणा जगत सिंह प्रथम और महाराणा भीम सिंह जैसे महान शासकों की छतरियां बेहद आकर्षक और विशाल हैं।

मेवाड़ की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार दी गई अंतिम विदाई
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माता विजयराज कुमारी के निधन के बाद पूरी मर्यादा और मेवाड़ की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार महासतिया में ही उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। यह स्थान आज भी मेवाड़ के स्वर्णिम इतिहास, परंपरा और त्याग की मूक गवाही दे रहा है।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins