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तकनीकी शिक्षा को समयानुकूल बनाकर विद्यार्थियों को बेहतर कौशल एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता : मंत्रीपरमार

By Admin|16 Sep 2026, 10:36 PM
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भोपाल 

तकनीकी शिक्षा को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत तकनीकी सुविधाएं, बेहतर कौशल एवं रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। जबलपुर इंजीनियरिंग महाविद्यालय (JEC) को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का सशक्त केंद्र बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं अधोसंरचना का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्रीइन्दर सिंह परमार ने कही। मंत्रीपरमार ने बुधवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में जबलपुर इंजीनियरिंग महाविद्यालय की शासी निकाय की 29वीं बैठक एवं साधारण सभा की 15वीं बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं संस्थागत उन्नयन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

आधुनिक प्रयोगशालाओं और प्लेसमेंट सेल के लिए ₹12 करोड़ स्वीकृत

बैठक में जबलपुर इंजीनियरिंग महाविद्यालय के उन्नयन के लिए आधुनिक तकनीकी प्रयोगशालाओं के उपकरणों, विभिन्न विभागों के आवश्यक मरम्मत कार्यों तथा विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल के आधुनिकीकरण हेतु कुल ₹12 करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

मंत्रीपरमार ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रह सकती। विद्यार्थियों को उद्योग एवं रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, व्यावहारिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और प्रभावी प्लेसमेंट व्यवस्था आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जबलपुर इंजीनियरिंग महाविद्यालय में सुविधाओं के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के निर्देश

मंत्रीपरमार ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे महाविद्यालय में बिजली की खपत एवं व्यय को कम करने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा। शैक्षणिक संस्थानों में ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम होगा।

श्री परमार ने महाविद्यालय की उपलब्ध सुविधाओं के बेहतर उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार तथा विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर जोर

मंत्रीपरमार ने कहा कि जबलपुर इंजीनियरिंग महाविद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा और पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियां महाविद्यालय की महत्वपूर्ण पूंजी हैं। महाविद्यालय को नई तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर विकसित करते हुए विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक एवं व्यावहारिक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे वे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

बैठक में जबलपुर इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजीव चांडक ने पिछली बैठक का पालन प्रतिवेदन, महाविद्यालय की प्रगति, शैक्षणिक गतिविधियों एवं प्रस्तावित कार्यों से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

बैठक में पद्म भूषण डॉ. अजय चौधरी, आरजीपीवी के कुलगुरु प्रो. आलोक शर्मा, डॉ. संतोष गांधी, डॉ. मोहन सेन,प्रदीप मिश्रा सहित शासी निकाय एवं साधारण सभा के सदस्यगण तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

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