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गणेश उत्सव पर अनोखी कलाकृति: केवल 70 मिलीग्राम वजन में तैयार की गई गणेश जी के अष्टविनायक रूपों की सूक्ष्म प्रतिमा।

By Admin|16 Sep 2026, 10:21 PM
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नीमच
इन दिनों भारत सहित दुनिया भर में लोग गणेश उत्सव की आस्था में सराबोर हैं. इसी बीच नीमच के जावद कस्बे से कला और अध्यात्म का एक अनोखा संगम सामने आया है. स्थानीय माइक्रो आर्टिस्ट राजेश सोनी ने चांदी धातु से भगवान गणेश के अष्टविनायक स्वरूपों की बेहद सूक्ष्म और बारीक कलाकृति तैयार की है. पूरी कलाकृति का आकार मात्र 6 मिलीमीटर है और इसका कुल वजन केवल 70 मिलीग्राम दर्ज किया गया है. यह अष्टविनायक इतने सूक्ष्म हैं कि इन्हें चावल के एक दाने या भगवान गणेश को प्रिय दूर्वा घास के पत्ते पर आसानी से रखा जा सकता है.

आठों स्वरूपों को शामिल किया गया
आर्टिस्ट राजेश सोनी द्वारा बनाई गई इस सूक्ष्म कलाकृति में भगवान गणेश के प्रसिद्ध आठों स्वरूपों को शामिल किया गया है. इनमें श्री मयूरेश्वर, श्री सिद्धिविनायक, श्री बल्लालेश्वर, श्री वरदविनायक, श्री चिंतामणि, श्री गिरजात्मज, श्री विघ्नेश्वर और श्री महागणपति के रूप प्रदर्शित किए गए हैं. इन नन्हीं मूर्तियों की सुंदरता बढ़ाने के लिए शुद्ध हल्दी, कुंकुम और अक्षत का प्रयोग किया गया है. हरी-भरी दूर्वा पर रखी गई यह कलाकृति देखने में काफी आकर्षक लगती है.

इस तरह जोड़े गए 2 से 3 मिलीमीटर के हिस्से

ऐसी सूक्ष्म कलाकृति का निर्माण बेहद जटिल और धैर्य मांगने वाला काम होता है. आर्टिस्ट राजेश ने बताया, "अष्टविनायक के प्रत्येक स्वरूप को तैयार करने के लिए 2 से 3 मिलीमीटर के अलग-अलग हिस्से बनाए गए. इसमें भगवान गणेश का सिर, सूंड, उदर, हाथ, पैर और सूप जैसे कान अलग से तैयार किए गए हैं. इसके बाद गैस की बेहद हल्की आंच पर इन सभी बारीक हिस्सों को आपस में जोड़ा गया. इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती आंच के तापमान को संतुलित रखना था, क्योंकि थोड़ी सी भी तेज आंच चांदी के बेहद पतले तार को तुरंत पिघला सकती थी."

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सूक्ष्म कला के क्षेत्र 
सूक्ष्म कला के क्षेत्र में राजेश सोनी का यह पहला प्रयोग नहीं है. इससे पहले भी वे अपनी बारीक कारीगरी का प्रदर्शन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर चुके हैं. वे दुनिया का सबसे छोटा सोने का अफीम डोडा, क्रिकेट वर्ल्ड कप की ट्रॉफी और सूक्ष्म ताजमहल जैसी कलाकृतियां बना चुके हैं. इन अद्भुत रचनाओं के लिए उनका नाम विश्व रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है. नीमच जिले में बनी यह नई कलाकृति इन दिनों लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बनी हुई है.

 

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