छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : कर्मों के आधार पर तय होता है हमारा भविष्य…

By kadwaghut|15 Sep 2026, 11:10 AM
f X W

राजनांदगांव | जैन बगीचा स्थित नए हाल में संवत्सरी पर्व के सातवें दिन अपने नियमित प्रवचन में खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य श्रेयांशप्रभ सागर ने सोमवार को कहा कि महापुरुषों को चमत्कार दिखाने की जरूरत नहीं होती। चमत्कार तो उनके ओज से स्वतः ही होते हैं। हम महापुरुषों के चमत्कार की बात सुनते हैं परंतु यह वह नहीं करते बल्कि अपने आप उनके प्रभाव में हो जाता है! दुनिया में दो चीजें होती हैं एक जीव दूसरा अजीव।

Advertisement
Advertisement

जो हिलता-डुलता है उसे हम जीव कहते हैं और जो नहीं हिलता-डुलता तो उसे हम अजीव कहते हैं। कहा कि जब जीव ज्ञान लेते-लेते शाश्वत ज्ञान को प्राप्त कर लेता है तब वह वैराग्य की ओर बढ़ता है। यदि हम जान जाए कि हमारी मृत्यु होने वाली है तो हम सबसे पहले उससे बचने का प्रयास करते हैं किंतु इस दौरान भी हम यह नहीं सोचते कि हम अपने लक्ष्य की ओर कैसे बढ़े। कोई भी भविष्य देखने वाले की ताकत नहीं है कि वह भविष्य बना सके बल्कि वह भविष्य अवश्य बता सकते हैं।

आपका भविष्य तो आपके कर्मों के हिसाब से तय होता है। मुनिश्री ने कहा कि परमात्मा की भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि महामारी तक को भगा सकती है। मनुष्य तो मनुष्य ही है। परमात्मा की नजरों में हम सब समान है। कोई भविष्यवक्ता पूरा भविष्य नहीं बता सकता बल्कि जितनी जरूरत है उतनी ही बताता है।

कहा कि जब साधु संयम जीवन में प्रवेश करता है तभी से वह अपने शरीर का मोह त्याग देता है। महापुरुष शक्ति प्रदर्शन नहीं करते बल्कि शक्तियां तो उनके ओज से बाहर निकलती रहती है। प्रवचन सुनने भक्तजन मौजूद रहे।

READ ALSO  CG : शिकायत पड़ी भारी, BEO-ABEO अटैच BRC पर गिरी गाज ...
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins