उत्तर प्रदेशराज्‍य

नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, योगी सरकार के प्रयास ला रहे रंग

By Admin|24 May 2026, 5:56 PM
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लखनऊ. 
सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद संजीदा हैं। हादसों को न्यूनतम करने की दिशा में वे समय-समय पर संबंधित विभागों की समीक्षा, सकारात्मक प्रयास, जागरूकता आदि पर जोर देते हैं। लिहाजा, सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार के प्रयास रंग ला रहे हैं। ई-डीएआर पोर्टल के मुताबिक, वर्ष 2025 की जनवरी से अप्रैल की समयावधि की अपेक्षा जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच दुर्घटनाओं और इससे होने वाली मृत्यु में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इस अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में 3669 (21 प्रतिशत) दुर्घटनाएं कम हुई हैं, जबकि मृतकों की संख्या में भी 2212 (22 प्रतिशत) की कमी दर्शाई गई है। सीएम के निर्देश के उपरांत सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए लगभग 2000 स्थानों पर होर्डिंग लगाई गई और प्रचार-प्रसार के जरिए परिवहन विभाग आमजन को निरंतर जागरूक भी कर रहा है।  

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परिवहन निगम के 18 हजार से अधिक चालकों का हुआ चेकअप 
सीएम योगी के निर्देश पर परिवहन निगम के चालकों की निरंतर स्वास्थ्य/नेत्र जांच की जा रही है। हर छमाही चेकअप किया जा रहा है। अप्रैल 2026 तक 18,975 वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षा किया जा चुका है। शेष 2560 चालकों की जांच भी चल रही है। सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत यूपीएसआरटीसी की बसों पर रेट्रो रिफ्लेक्टर टेप लगाया जा चुका है। ब्रेथ एनालाइजर परीक्षण अनिवार्य किया गया है। वहीं 300 किमी. से अधिक यात्रा वाली बसों में दो चालक की ड्यूटी भी अनिवार्य की गई है। सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग/निगम काफी संजीदगी से प्रयासों को धरातल पर उतार रहा है। 

जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) योजना भी हो रही कारगर 
सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि को न्यूतनम करने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के 20 जनपदों के 242 क्रिटिकल थानों को जीरो फैटेलिटी योजना के लिए चिह्नित किया गया था। यातायात निदेशालय के मुताबिक इस योजना के क्रियान्वयन के उपरांत 4 महीने में 566 व्यक्तियों की जान बचाई जा चुकी है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों के 487 क्रिटिकल पुलिस थानों पर यह योजना लागू की गई है। इन 487 क्रिटिकल थानों में 573 क्रिटिकल कॉरिडोर टीम गठित की गई है। हर टीम में एक उपनिरीक्षक व 4 मुख्य आरक्षी/ आरक्षी (2865 पुलिसकर्मी) नियुक्त हैं, जो जीरो फैटेलिटी को सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहे हैं। 

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होल्डिंग एरिया को भी किया गया चिह्नित 
पहली जनवरी 2026 से 15 मई 2026 के बीच सभी 18 मंडलों मे होल्डिंग एरिया भी चिह्नित व नोटिफाइड किए गए। मंडलों में 656 होल्डिंग एरिया चिह्नित किए गए, इसमें से 630 को नोटिफाइड भी किया गया। आगरा मंडल में सर्वाधिक 121, बरेली में 103, मुरादाबाद में 75, आजमगढ़ में 62 होल्डिंग एरिया चिह्नित/नोटिफाइड किए गए हैं। 

मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर आम नागरिकों को निरंतर जागरूक कर रहा है। सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने की दिशा में संबंधित विभागों के साथ ठोस कदम भी उठाए जा रहे हैं। आम नागरिकों से भी निवेदन है कि हेलमेट, सीट बेल्ट व यातायात के नियमों का पालन करें। सड़क सुरक्षा, स्कूली वाहनों के फिटनेस आदि को लेकर जल्द ही फिर से अभियान प्रारंभ किया जाएगा। 
आशुतोष निरंजन, परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश

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