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राजनांदगांव , जिले के ऐसे 117 स्कूल जहां शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित थी। वहां अब प्राइवेट ट्यूटर कक्षाएं संभाल रहे हैं। शिक्षक कमी वाले स्कूलों में 140 प्राइवेट ट्यूटर लगाए गए हैं। डीएमएफ में उपलब्ध राशि से की गई यह व्यवस्था खासतौर पर उन कक्षाओं और विषयों के लिए अहम है, जहां नियमित शिक्षक नहीं हैं। बच्चों को विषयवार पढ़ाई, अभ्यास और परीक्षा की तैयारी में लगातार मार्गदर्शन मिलेगा। प्राइवेट ट्यूटर्स को प्राइमरी से हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाने मानदेय मिलेगा।
शिक्षक की कमी का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। कई शिक्षकों को कक्षाओं या विषयों की भी जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही थी। पाठ्यक्रम पूरा करने, कमजोर बच्चों पर अलग से ध्यान देने दिक्कतें थी। कमी को दूर करने प्राइवेट ट्यूटर्स लगाए हैं। ट्यूटरों की मौजूदगी से नियमित कक्षाओं का संचालन बेहतर होने के साथ बच्चों को विषयवार अतिरिक्त अभ्यास का अवसर मिलेगा।
किसी विषय की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। ने 2500 शिक्षकों की कमी, प्राइवेट ट्यूटर्स की जरूरत वाली खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। डीईओ प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों को जोड़ेंगे, पढ़ाई के साथ रोजगार परक अवसरों से जोड़ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी पर जोर देंगे। सभी पीटीआई को तैयारी कराने कहा है।
परिणाम सुधारने के साथ शैक्षणिक क्षमता बढ़ाएंगे जिले में 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम विगत वर्ष संतोष जनक नहीं थे। प्रदेश की टॉप टेन सूची में दोनों कक्षाओं से कोई विद्यार्थी शामिल नहीं था। नए प्रयास के तहत केवल परीक्षा के समय तैयारी के बजाय पूरे शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई की गुणवत्ता, बच्चों की सीखने की स्थिति और कमजोर विद्यार्थियों पर ध्यान देने पर जोर है। लक्ष्य नतीजों में सुधार के साथ बच्चों में वास्तविक शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाना है।
