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राजनांदगांव , औंधी वन क्षेत्र कुछ सालों में बाघ कॉरिडोर के रूप में तब्दील हो रहा है। महाराष्ट्र के ताड़ोबा टाइगर रिजर्व और छग के इंद्रावती टाइगर रिजर्व के रुट पर यह हिस्सा मौजूद है। जिसके चलते इन दोनों हिस्सों से बाघ औंधी वन क्षेत्र और इससे लगे महाराष्ट्र के जंगल में मूवमेंट कर रहे हैं। गट्टेपायली में रविवार को दिखा बाघ इसी कॉरिडोर से पहुंचा है, जो फिलहाल घने जंगल की ओर आगे बढ़ गया है।
वन अफसरों के मुताबिक करीब 60 वर्ग किमी का हिस्सा ऐसा है, जहां इंसानी दखल काफी कम है। इसके चलते भी बाघों के विचरण के लिए यह सुरक्षित जोन जैसा है। पांच साल में 6 बाघ के मूवमेंट की यहां पुष्टि हो चुकी है। बीते पांच से छह साल में जो भी बाघ ट्रैप कैमरे में कैद हुए हैं। उनमें भिन्नता हैं। मौजूदा समय में जो बाघ विचरण कर रहा है। वह भी पहली बार क्षेत्र में पहुंचा हैं। तत्कालीन डीएफओ दिनेश पटेल ने बताया कि कुछ समय पहले ट्रैप कैमरे में बाघ कैद हुआ था। जिसकी पहचान के लिए तस्वीर उच्च कार्यालय भेजा गया। जिसमें सामने आया कि नर बाघ पहली बार क्षेत्र में देखा गया है। ( सुरक्षा कारणों से वास्तविक गांव की जानकारी नहीं लिखी गई है)
इधर बनबोड़-करेला में दिखा मादा तेंदुआ इधर खैरागढ़ वनपरिक्षेत्र में भंडारपुर पंचायत के बनबोड़-करेला में मादा तेंदुआ देखा गया है। तेंदुए के साथ उसका शावक भी मौजूद है। यहां मादा तेंदुए ने एक कुत्ते को भी शिकार बनाया है। जिसके अवशेष वन अमले को मिला है। वन परिक्षेत्र अधिकारी सिमरन साहू ने तेंदुए की पुष्टि करते हुए बताया कि लगातार विभागीय टीम निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों को मौजूदगी रहने कहा गया है। ग्रामीणों को तेंदुआ दिखने पर सूचना देने की समझाइश दी गई है।
