छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : 25 वर्षों का अनुभव, नव-आरक्षक जैसा उत्साह वतन पर मर मिटने का जज्बा आज भी बरकरार…

By kadwaghut|02 Sep 2026, 10:36 AM
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राजनांदगांव , समय बीतता गया, जिम्मेदारियां और पद बदलते गए, लेकिन 2001 बैच के जवानों के दिलों में साथ बिताए दिनों की यादें आज भी उतनी ही ताजा हैं। 25 वर्ष बाद जब 8वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल राजनांदगांव के वर्ष 2001 बैच के साथी रजत जयंती समारोह में एक साथ जुटे तो माहौल कुछ ऐसा बना मानो समय की सुइयां पीछे घूम गई हों और भर्ती का पहला दिन फिर लौट आया हो। छत्तीसगढ़ प्रदेश निर्माण के बाद गठित पहली बटालियन के रूप में गौरव हासिल करने वाली 8वीं वाहिनी के वर्ष 2001 बैच के जवानों ने सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह का आयोजन किया।

समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ देश के अलग-अलग राज्यों में रहकर सेवा कर रहे बैच के साथी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस बैच की खासियत यह रही कि समय के साथ कई साथियों ने अपनी शिक्षा जारी रखी और आज कोई प्रोफेसर, कोई सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, डीएसपी तो कोई अन्य महत्वपूर्ण शासकीय पद पर कार्यरत है। लेकिन रजत जयंती के इस अवसर पर पद और प्रतिष्ठा की सारी सीमाएं पीछे छूट गई। सभी साथी एक-दूसरे से उसी आत्मीयता से मिले, जैसे 25 वर्ष पहले भर्ती के दौरान मिले थे। किसी ने साथी को गले लगाया तो किसी ने पुराने प्रशिक्षण और ड्यूटी के किस्से सुनाए। कोई पुरानी तस्वीरों को देखकर भावुक हुआ तो कोई साथ बिताए पलों को याद कर मुस्कुराता नजर आया।

शहीद व दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि दी गई रजत जयंती समारोह केवल उत्सव और मिलन का अवसर नहीं रहा, बल्कि उन साथियों को याद करने का भी अवसर बना, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। कार्यक्रम में वर्ष 2001 बैच के उन वीर साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए वीरगति प्राप्त की। साथ ही उन दिवंगत साथियों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया गया, जिन्होंने अपने जीवन के सफर में इस बैच के साथियों की यादों में अमिट स्थान बनाया।

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2001 बैच सिर्फ बैच नहीं, एक परिवार की तरह है रजत जयंती आयोजन समिति के सदस्य संजय सिंह, पुखराज साहू, दिनेश सिंह, शेख यूनुस कुरैशी, मनोज राजपूत, षडानन तिवारी, मिर्जा हबीब बेग, शरद तिवारी, टीनू थामस, विजय देवदास, कांति साहू, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, पुखराज साहू, क्रांति साहू, लीलाधर ठाकुर, यूनुस खान ने बताया कि वर्ष 2001 बैच के साथियों के बीच आज भी वही भाईचारा कायम है, जो भर्ती के समय था। साथियों ने कहा कि 2001 बैच उनके लिए केवल एक बैच नहीं, बल्कि एक परिवार है।

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