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CG : अब रजिस्ट्री में नहीं होगी ‘ऋण पुस्तिका’ की बाध्यता, पंजीयन विभाग का बड़ा फैसला…

By lokesh sharma|17 Oct 2025, 4:46 PM
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रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सरल एवं डिजिटल बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। अब प्रदेश में भूमि की रजिस्ट्री के लिए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर आईजी पंजीयन पुष्पेंद्र मीणा ने इस संबंध में सभी उप-पंजीयकों को आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

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अब ऑनलाइन रिकॉर्ड ही पर्याप्त
आदेश में कहा गया है कि अब भूमि के स्वामित्व, ऋण भार और फसल संबंधी सभी जानकारी ‘भुईयां पोर्टल’ पर ऑनलाइन उपलब्ध और मान्य है। रजिस्ट्री के समय पंजीयन अधिकारी ऑनलाइन डाटा मिलान के माध्यम से सभी प्रविष्टियों की पुष्टि करेंगे। इस कारण अब भौतिक ऋण पुस्तिका की कोई प्रासंगिकता नहीं रह गई है।

किसानों की परेशानी होगी कम
आईजी मीणा ने अपने पत्र में कहा है कि अक्सर नई ऋण पुस्तिका नहीं मिलने या पुराने रिकॉर्ड के अपडेट न होने से किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार जमीन खरीदी-बिक्री के बाद नई पुस्तिका जारी होने में देरी होती थी, जिससे शासन की छवि पर भी असर पड़ता था। अब यह प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और तेज होगी।

कब और कैसे हुआ सिस्टम डिजिटल
प्रदेश में ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली वर्ष 2017 से लागू है। अब पंजीयन सॉफ्टवेयर को ‘भुईयां पोर्टल’ से इंटीग्रेट कर दिया गया है। इससे दस्तावेज में दिए गए स्वामित्व और अन्य विवरण राजस्व विभाग के डाटा से स्वतः सत्यापित हो जाते हैं। साथ ही, ऑटो म्यूटेशन सिस्टम के तहत पंजीयन के बाद खसरे का बंटवारा और नया बी-1 रिकॉर्ड स्वतः तैयार हो जाता है।

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क्या कहा गया आदेश में
“राजस्व विभाग के सॉफ्टवेयर में भूमि का पूरा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध है। इस कारण पंजीयन हेतु भौतिक ऋण पुस्तिका या किसान-किताब की आवश्यकता नहीं है। किसानों से रजिस्ट्री के समय ऋण पुस्तिका की मांग न की जाए और सभी विवरण ऑनलाइन सत्यापित किए जाएं।” — पुष्पेंद्र मीणा, आईजी पंजीयन

पड़ोसी राज्यों में पहले ही खत्म हो चुका सिस्टम
मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा सहित देश के अधिकांश राज्यों में ऋण पुस्तिका प्रणाली पहले ही समाप्त की जा चुकी है। अब छत्तीसगढ़ ने भी उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए इसे डिजिटल प्रशासन सुधार का हिस्सा बना दिया है।

अब छत्तीसगढ़ में किसानों को भूमि की रजिस्ट्री के लिए ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी — पंजीयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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