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राजनांदगांव l छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित होने जा रही छत्तीसगढ़ हॉकी लीग से हॉकी की नर्सरी के नाम से पहचान रखने वाला राजनांदगांव का मैदान ही बाहर रहेगा। यह स्पर्धा रायपुर में होगी। जबकि प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम और एस्ट्रोटर्फ राजनांदगांव में ही बना था। इसी मैदान ने प्रदेश को कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट् रीय खिलाड़ी दिए हैं, लेकिन वर्तमान में स्टेडियम का टर्फ खेलने लायक नहीं बचा है। जगह-जगह टर्फ उखड़ चुका है, धूल-मिट्टी और काई जम गई है तथा गोलपोस्ट के सामने सफेद पट्टियां भी खराब हो चुकी हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए नियमित अभ्यास करना मुश्किल है और चोटिल होने का खतरा बना रहता है।
स्टेडियम में नया टर्फ और अन्य विकास कार्यों के लिए 6.40 करोड़ रुपए मंजूर हो चुके हैं, लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। अप्रैल 2026 में पहली बार टेंडर जारी किया गया था, लेकिन केवल एक टेंडर आने के कारण प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी। इसके बाद दोबारा टेंडर बुलाए गए। अब तीन टेंडर प्राप्त हुए हैं। पीडब्ल्यूडी की विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी एक एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। इस हॉकी मैदान पर रोज करीब 300 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। खराब टर्फ के कारण पिछले दो साल से पूरे मैदान का प्रभावी उपयोग नहीं हो पा रहा है।
राजनांदगांव में हर साल दिसंबर-जनवरी में होने वाला महंत राजा सर्वेश्वर दास ऑल इंडिया हॉकी टूर्नामेंट भी टर्फ खराब होने के कारण दो साल से नहीं हो पाया है। देशभर की नामी हॉकी टीमें और खिलाड़ी यहां खेलने से अब परहेज कर रहे हैं। खिलाड़ियों को डर है कि खराब टर्फ पर खेलने से चोट लग सकती है, जिसका असर उनके करियर पर पड़ सकता है। यदि नया टर्फ लगाने का काम समय पर शुरू होकर पूरा नहीं हुआ तो इस साल दिसंबर-जनवरी में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्पर्धा पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।
वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा: चौरसिया पीडब्ल्यूडी के ईई एसके चौरसिया ने इस संबंध में बताया कि इस बार तीन टेंडर प्राप्त हुए हैं। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। 6.40 करोड़ रुपए की लागत से नया टर्फ लगाने के साथ अन्य विकास कार्य भी किए जाएंगे।
संघ लंबे समय से कर रहा टर्फ बदलने की मांग राजनांदगांव की हॉकी नर्सरी ने अब तक 7 अंतरराष्ट्रीय और 200 से अधिक राष्ट्रीय खिलाड़ी देश को दिए हैं। इसके बाद भी यह हाल है। छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने कहा कि टर्फ बदलने के साथ फ्लड लाइट और खिलाड़ियों व दर्शकों की सुविधाओं के विस्तार की मांग लगातार की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे ने कहा कि टर्फ बदलना बेहद जरूरी है। खराब सतह पर खेलने से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा रहता है और इसका असर उनके करियर पर पड़ सकता है।
