डोंगरगांव। नगर के प्रतिष्ठित गांधी परिवार के सदस्य, समाजसेवी, भाजपा नेता एवं कवि भीखम गांधी का गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को दोपहर 12:35 बजे भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल में उपचार के दौरान दुखद निधन हो गया। वे 52 वर्ष के थे और पिछले करीब चार वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही डोंगरगांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
भीखम गांधी, स्वर्गीय यशोदा देवी एवं स्वर्गीय शोभालाल गांधी के तृतीय सुपुत्र थे। वे पूर्व सांसद प्रदीप गांधी के अनुज तथा गायत्री परिवार से जुड़े हरीश गांधी के बड़े भाई थे। वहीं, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी के वे चचेरे भाई थे।
भीखम गांधी बचपन से ही सामाजिक, धार्मिक और राष्ट्रवादी गतिविधियों में सक्रिय रहे। छात्र जीवन में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और युवाओं के बीच संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्य किया। इसके बाद वे बजरंग दल में सक्रिय रहे तथा बजरंग दल के जिला संयोजक की जिम्मेदारी भी संभाली।
भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय रहते हुए उन्होंने संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में उन्हें भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ का प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया था। राजनीति के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी उनकी विशेष रुचि थी। वे जरूरतमंद लोगों की सहायता करने तथा सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए पहचाने जाते थे।
भीखम गांधी को साहित्य और कविता लेखन से भी गहरा लगाव था। वे विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक मंचों पर अपनी कविताओं के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते थे। उनके सरल, सहज और मिलनसार स्वभाव के कारण समाज के विभिन्न वर्गों में उनकी विशेष पहचान थी।
वे अपने पीछे पुत्र शुभम गांधी, पुत्री सौम्या गांधी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक एवं व्यावसायिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा नगर के गणमान्य नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
अंतिम यात्रा 7 अगस्त को
स्वर्गीय भीखम गांधी की अंतिम यात्रा शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को दोपहर 12:30 बजे एनएक्स सनसिटी, जी-56 स्थित निवास से निकाली जाएगी। अंतिम यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शिवनाथ मुक्तिधाम पहुंचेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
