CG : बिलासपुर पुलिस का नशे पर बड़ा प्रहार, तीन आरोपी गिरफ्तार …
बिलासपुर। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जहां अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, वहीं पहले दर्ज गांजा तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे उड़ीसा के गांजा सप्लायर को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। इस कार्रवाई को जिले में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार जिले में मादक पदार्थों और नशीली दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान थाना सिटी कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अरपा बैराज के पास तथा पचरी घाट क्षेत्र में दो व्यक्ति अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विनोद साहू (21 वर्ष) निवासी पचरी घाट और विशाल कुमार बुनकर (34 वर्ष) निवासी पचरी घाट, बिलासपुर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान विनोद साहू के कब्जे से 50 नग Nitrazepam (Nitrosun) टैबलेट बरामद की गईं, जबकि विशाल कुमार बुनकर के पास से 23 नग Onerex Cough Syrup बरामद हुआ। दोनों आरोपियों के पास इन दवाइयों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले।
पुलिस ने बरामद नशीली दवाइयों को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में अलग-अलग अपराध दर्ज किए हैं। आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी), 22(बी), 21(सी), 22(सी) और 29 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इसी अभियान के दौरान पुलिस ने पूर्व में दर्ज गांजा तस्करी के एक मामले में भी बड़ी सफलता हासिल की। थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत पहले 20 किलोग्राम गांजा के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उस मामले का मुख्य सप्लायर अजीत थनापति उर्फ भोला पुलिस गिरफ्त से बाहर था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने उड़ीसा में दबिश देकर आरोपी अजीत थनापति उर्फ भोला (36 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से उड़ीसा के सोनपुर जिले के बिनका थाना क्षेत्र के ग्राम चरदा का निवासी है तथा वर्तमान में बरगढ़ जिले में रह रहा था। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। बिलासपुर पुलिस का कहना है कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली दवाइयों और गांजा की सप्लाई किन-किन माध्यमों से की जा रही थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके साथ ही आरोपियों के बैंक खातों, आर्थिक लेन-देन और अवैध संपत्ति की भी फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन की जा रही है, ताकि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति को भी कानून के दायरे में लाया जा सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस लगातार मुखबिर तंत्र, तकनीकी निगरानी और विशेष अभियान के माध्यम से ऐसे तस्करों की पहचान कर रही है। आने वाले समय में भी नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में नशीली दवाइयों, गांजा या अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
