राजनांदगांव , जिला साहू संघ की नव निर्वाचित कार्यकारिणी की पहली बैठक में समाज के विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। मां कर्मा जयंती महापर्व पर 51 जोड़ों का आदर्श सामूहिक विवाह कराने, आजीवन सदस्यता अभियान चलाने, परिवार कार्ड जारी करने और एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जिलेभर में व्यापक रूप से पौधरोपण करने का संकल्प लिया गया। शहर स्थित साहू सदन में जिला साहू संघ की नव निर्वाचित कार्यकारिणी की परिचयात्मक बैठक जिला अध्यक्ष नोबल साहू की अध्यक्षता में हुई।
बैठक की शुरुआत संत शिरोमणि भक्त कर्मा माता की पूजा-अर्चना एवं आरती से से की गई। इसके बाद पदाधिकारियों का परिचय कराया गया और संगठन को अधिक सक्रिय, सशक्त और समाज उपयोगी बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पापमोचिनी एकादशी पर मां कर्मा जयंती महापर्व पर समाज के 51 जोड़ों का आदर्श सामूहिक विवाह आयोजित किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाकर पात्र परिवारों का पंजीयन कराया जाएगा, ताकि जरूरतमंद परिवार को लाभ मिले।बैठक के दौरान समाज हति को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर एकजुटता पर जोर दिया।
संगठन को विस्तार देने आजीवन सदस्यता अभियान चलेगा संगठन विस्तार को गति देने आजीवन सदस्यता अभियान चलाने, सभी आजीवन सदस्यों की फोटोयुक्त सूची प्रकाशित करने तथा समाज के प्रत्येक परिवार को संगठन से जोड़ने के उद्देश्य से परिवार संबद्धता अभियान और परिवार कार्ड जारी करने का भी निर्णय लिया गया। पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक दायित्व मानते हुए जिलेभर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत व्यापक पौधरोपण कर समाज को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने संकल्प लिया गया।
सभी के प्रयासों से ही आदर्श सामूहिक विवाह सफल होगा अध्यक्ष नोबल साहू ने कहा 51 जोड़ों का आदर्श सामूहिक विवाह सफल बनाया जाएगा। बैठक में प्रदेश संयोजिका दिव्या कलिहारी, प्रदेश महामंत्री चंदा हिरवानी सहित महिला पदाधिकारियों ने महिलाओं की संगठनात्मक भागीदारी बढ़ाने, नेतृत्व विकास और समाज में उनकी सक्रिय भूमिका पर विस्तार से विचार रखे। साथ ही जिला स्तर पर महिला प्रकोष्ठ को और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई। इसमें सभी की सहभागिता पर जोर दिया गया।
सभी क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नोबल साहू ने कहा जिला साहू संघ केवल सामाजिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, संस्कार, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकजुटता के क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। पदाधिकारियों से संगठन की गरिमा बनाए रखते हुए समाजहित में कार्य करने कहा।
