मध्य प्रदेशराज्‍य

जल संरक्षण ही सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत नींव

By Admin|02 May 2026, 10:01 PM
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भोपाल 

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल ही जीवन है और जल संरक्षण ही सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्रेरक मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पानी को सहेजने के कार्य में जन-जन को जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश में जनभागीदारी आधारित जल संचय अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि केवल एक रैंक नहीं बल्कि प्रदेशवासियों की जागरूकता, सहभागिता और भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जल संरक्षण और प्रकृति अनुरूप रहन-सहन की व्यवस्था भारतीय जीवनशैली और परम्पराओं में सदियों से रची-बसी है। हमारे यहां नदी-तालाब-कुंओं की साफ-सफाई को पुण्य कार्य माना गया है। इन गतिविधियों के धार्मिक महत्व को देखते हुए गंगा दशहरा 25 मई को जल स्त्रोतों के आस-पास साफ-सफाई और पौधरोपण के लिए श्रमदान तथा अन्य गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इन गतिविधियों का पुण्य प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक नागरिक गंगा दशहरा पर अपने आस-पास के जल स्त्रोतों और जल संरचनाओं की साफ-सफाई तथा रखरखाव के कार्य से जुड़ें। जनसामान्य की यह पहल मध्यप्रदेश को जल संरक्षण में एक आदर्श व अनुकरणीय राज्य के रूप में देश में प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में व्यक्त किए।

जल स्त्रोतों की बेहतरी के लिए पारिवारिक और व्यक्तिगत स्तर पर भी पहल करना जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संचय भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 5 लाख 64 हजार 119 कार्य पूर्ण हुए हैं। जिला स्तर पर डिण्डौरी और खण्डवा जिले देश में क्रमश: प्रथम और द्वितीय रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर, सुरक्षित और सस्टेनेबल धरती सौंपना हमारा दायित्व है, जो बिना पर्याप्त जल की उपलब्धता के संभव नहीं है। अत: जल संरक्षण के कार्य में जन-जन को जोड़ना जरूरी है। उन्होंने पंचायतों, नगरीय निकायों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों, स्वंयसेवी संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, व्यापारिक संगठनों तथा अन्य सभी संस्थाओं से पानी बचाने की गतिविधियों में जुड़ने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी बचाने और जल स्त्रोतों की बेहतरी के लिए पारिवारिक और व्यक्तिगत स्तर पर पहल करने के लिए भी लोग आगे आएं।

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जल संरक्षण के लिए स्कूल, कॉलेज और संस्थाएं कर रही हैं जन-जन को प्रेरित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार, नगरीय और ग्राम स्तर पर अनेक गतिविधियां संचालित कर रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 2 लाख 43 हजार 887 कार्यों के लिए 6 हजार 232 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश में 45 हजार 132 खेत-तालाब, 68 अमृत सरोवर, 77 हजार 975 डगवेल रिचार्ज औ वॉटर शेड से संबंधित 3 हजार 346 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। नगरीय क्षेत्र में भी तालाबों, कुंओं, बावड़ियों को अतिक्रमण मुक्त करने, नाले-नालियों की साफ-सफाई आदि का कार्य जारी है। नगरीय निकायों द्वारा 3 हजार 40 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग इकाईयां स्थापित की गई हैं। जन सहयोग से बड़े पैमाने पर प्याऊ सेवा संचालित की जा रही हैं। स्कूल, कॉलेजों और जन अभियान परिषद से जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से जन-जन को अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

 

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