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CG : हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह …

By lokesh sharma|06 Jul 2026, 3:53 PM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरी खाद के उपयोग हेतु लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केशगंवा में देखने को मिला है, जहां प्रगतिशील किसान श्री नरेंद्र सिंह ने लगभग चार एकड़ भूमि में ढैंचा की फसल उगाकर उसे खेत में पलट दिया है। अब वे इसी खेत में धान की खेती करेंगे।

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किसान नरेंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से ढैंचा की खेती अपनाई। उन्होंने बताया कि फूल आने से पहले ढैंचा को खेत में पलट देने पर यह कुछ ही दिनों में सड़कर प्राकृतिक जैविक खाद में परिवर्तित हो जाती है। इससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है और फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्व स्वाभाविक रूप से उपलब्ध हो जाते हैं।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ढैंचा जैसी दलहनी हरी खाद वाली फसलें वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर मिट्टी को प्राकृतिक रूप से समृद्ध बनाती हैं। इसके साथ ही फास्फोरस, जिंक एवं आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ती है, जिससे आगामी फसल का विकास बेहतर होता है। हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की संरचना में उल्लेखनीय सुधार होता है। ढैंचा के अपघटन से बनने वाला ह्यूमस मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, जिससे उसमें हवा और पानी का बेहतर संचार होता है। इससे जड़ों का विकास मजबूत होता है और फसल अधिक स्वस्थ एवं उत्पादक बनती है। साथ ही मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहती है और सिंचाई की आवश्यकता कम होती है। ढैंचा की सघन बढ़वार खरपतवारों की वृद्धि को भी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में सहायक होती है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई से पहले ढैंचा, सनई अथवा अन्य हरी खाद वाली फसलों का उपयोग करें। इससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम होगा, मिट्टी की दीर्घकालीन उर्वरता बनी रहेगी और टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल तथा लाभकारी कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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