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20.64 करोड़ की लागत से छह प्रमुख आश्रमों में किया गया बड़े पैमाने पर विकास

By Admin|21 Jun 2026, 10:16 AM
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अयोध्या

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भगवान राम की नगरी में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित छह प्रमुख आश्रमों का व्यापक विकास कार्य पूरा हो गया है। पर्यटन विभाग की पहल पर 20.64 करोड़ रुपये की लागत से इन आश्रमों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इससे तीर्थयात्रियों को बेहतर ठहराव, खान-पान और पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।

इस परियोजना के तहत श्रवण कुमार आश्रम, आस्तिक आश्रम, ऋषि च्यवन आश्रम, मेधा ऋषि आश्रम, श्री बन्धू बाबा आश्रम और महर्षि बामदेव आश्रम में व्यापक निर्माण कार्य किया गया। इन स्थलों पर विश्राम गृह, शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, खान-पान की दुकानें, स्तंभ, प्रवेश द्वार, साइनेजेस तथा सीटिंग इंटरप्रिटेशन वॉल का निर्माण पूरा किया गया है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा यह कार्य 30 मई 2023 को शुरू किया गया था। यूपी प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड अयोध्या के परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा ने बताया कि परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह परियोजना आस्था और आधुनिक सुविधाओं के अद्भुत संगम का प्रतीक बनकर उभरी है। चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब इन आश्रमों में आरामदायक विश्राम, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और स्थानीय व्यंजनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इंटरप्रिटेशन वॉल के माध्यम से भक्तों को इन पावन स्थलों के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।

यात्रियों को आश्रमों में रुककर आराम करने की सुविधा

पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह विकास कार्य धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा। अयोध्या धाम पहले से ही राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, नया घाट और अन्य पावन स्थलों के कारण देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। चौरासी कोसी यात्रा पथ का विकास इन आश्रमों को और अधिक आकर्षक बनाएगा। यात्रियों को अब लंबी यात्रा के दौरान थकान महसूस होने पर इन आश्रमों में रुककर आराम करने और अपनी आस्था को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

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आधुनिक सुविधाओं से युक्त हुए आश्रम

इन आश्रमों में निर्मित संरचनाएं पर्यावरण अनुकूल और पर्यटक-अनुकूल हैं। सुंदर प्रवेश द्वार, मजबूत स्तंभ, आकर्षक साइनेज और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था यात्रियों के अनुभव को यादगार बनाएगी। खान-पान की दुकानों में स्थानीय और सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है, जिससे तीर्थयात्रियों को शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन मिल सकेगा। शौचालय और पेयजल की सुविधाएं स्वच्छता के उच्च मानकों पर आधारित हैं। महर्षि बामदेव आश्रम, श्रवण कुमार आश्रम जैसे पावन स्थलों का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है। जहां पहले बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहां अब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। यह विकास न केवल श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। दुकानदारों, गाइड्स और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

परिक्रमा पथ की यात्रा देगी और अधिक सुखद अहसास

राम मंदिर निर्माण के बाद आसपास के क्षेत्रों का विकास, सड़कें, रोशनी, स्वच्छता और अब चौरासी कोसी मार्ग पर आश्रमों का नवीनीकरण इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पर्यटन विभाग का लक्ष्य है कि अयोध्या न केवल धार्मिक केंद्र बने बल्कि एक समृद्ध सांस्कृतिक और पर्यटन हब के रूप में भी विकसित हो। श्रद्धालु अब इन आश्रमों में रुककर परिक्रमा पथ की यात्रा को और अधिक सुखद बना सकेंगे। इस परियोजना का पूरा होना अयोध्या धाम को और चमकाने वाला कार्य है। भक्तों का कहना है कि आस्था के साथ अब सुविधा भी जुड़ गई है, जिससे रामलला की नगरी में आने का उत्साह और बढ़ गया है।

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