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इंदौर में ट्रैफिक की समस्या का समाधान, अब ई रिक्शा पर लगाए जाएंगे रंग-बिरंगे स्टीकर और रूट होंगे तय

By Admin|22 Apr 2026, 7:01 PM
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इंदौर
 देश के विभिन्न शहरों में बेतरतीब तरीके से दौड़ रहे ई-रिक्शा को इंदौर में पहली बार सेक्टर आधारित सिस्टम से चलाया जाएगा. इस सिस्टम के तहत सभी रिक्शा के लिए कलर कोड, रूट नंबर और रूट सिस्टम लागू किया गया है. यह सिस्टम क्या है और इसे कैसे व्यस्ततम सड़कों पर सैकड़ों की तादात में होने वाले रिक्शों से मुक्ति मिलेगी. आखिर कैसे शहर के सभी रूटों पर अलग-अलग रंग के हिसाब से ई रिक्शा शिफ्ट हो जाएंगे. एक दूसरे के इलाके और रूट पर अतिक्रमण करने से क्या सजा मिलेगी, और कैसे इन रिक्शों की निगरानी होगी। 

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ट्रैफिक की समस्या बढ़ा रहे ई रिक्शा
दरअसल, महंगे होते पेट्रोल-डीजल और ई व्हीकल के युग में फिलहाल ई रिक्शा ही अब महानगरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सबसे सस्ती सवारी है. यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और लखनऊ समेत दक्षिण भारत के तमाम शहरों में मुख्य सड़कों पर सबसे बड़ी संख्या में ई-रिक्शा ही नजर आते हैं. हालांकि ई रिक्शा की बढ़ती संख्या ने अब सड़कों पर ट्रैफिक की समस्या को और विकराल बना दिया है, जो बीते कुछ सालों में कई दुर्घटनाओं की वजह बने हैं। 

राजवाड़ा में प्रतिबंधित ई रिक्शा मूवमेंट
मध्य प्रदेश में सर्वाधिक जनसंख्या वाले इंदौर शहर में पहले से ही बिगड़े हुए ट्रैफिक और सीमित सकरी सड़कों के बीच 10 से 15000 ई रिक्शा यहां के ट्रैफिक के लिए चुनौती बने हुए हैं. इनके लिए न तो कोई निश्चित रूट तय है, न कोई रिक्शा स्टॉप या फिर सवारी बिठाने का कोई नियम कायदा. नतीजतन शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्र राजवाड़ा, जवाहर मार्ग और आसपास के अन्य इलाकों में आए दिन रिक्शों की इतनी मारामारी होती थी कि अन्य वाहनों का इलाके की सड़कों से गुजरना मुश्किल था. यही वजह रही कि इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने सबसे पहले ई-रिक्शा के मूवमेंट को शहर के राजवाड़ा और आसपास के इलाकों में प्रतिबंधित किया। 

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4 जोन में चलेंगे ई रिक्शा, सभी का रूट तय
इसके बाद इन्हें शहर के निश्चित रूट पर बराबर-बराबर संख्या में चलाने का फैसला किया गया. जिससे कि शहर की सड़कों से ई-रिक्शा का ट्रैफिक समानांतर रूप से अन्य रूट पर डाइवर्ट हो सके. इतना ही नहीं रिक्शा चालकों को भी अपने तय रूट पर प्रतिदिन की कमाई के हिसाब से सवारी भी मिल सके. इस योजना को अमल में लाने के लिये रिक्शा चालक संघ और ट्रैफिक पुलिस की कई दौर की चर्चा का परिणाम यह निकला कि शहर में सभी ई रिक्शा अपने-अपने इलाके के तय किये गए 4 जोन में चलेंगे. पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशा के अनुसार इन चार जोन में शहर के अलग-अलग चार हिस्से शामिल रहेंगे। 

हर रिक्शा पर अलग चार रंग के स्टीकर
ट्रैफिक डीसीपी राजेश त्रिपाठी बताते हैं कि "शहर में ई रिक्शा चलाने के लिए 4 जोन को अलग-अलग कलर में बांटा गया है. जिसमें जोन क्रमांक एक में चलने वाले रिक्शा पर नीला स्टीकर, 2 पर पीला स्टीकर, 3 पर लाल स्टीकर और जोन क्रमांक 4 पर सफेद कलर का स्टीकर उपयोग में लाया जाएगा. यह स्टीकर शहर के ट्रैफिक थानों में किए जा रहे ऑटो रिक्शा के पंजीयन के दौरान रिक्शा पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा इन्हें रूट भी दिया जा रहा है। 

पहले दौर में 6000 रिक्शा का पंजीयन
इंदौर शहर में करीब 15000 ई रिक्शा मौजूद हैं. इनमें से 4000 से 5000 ई रिक्शा ऐसे हैं, जो आरटीओ अथवा पुलिस के पास पंजीकृत न होने के कारण अवैध रूप से निजी तौर पर चल रहे हैं. ऐसे रिक्शा चालकों के खिलाफ अब चालानी कार्रवाई होगी. इसके अलावा फिलहाल 6000 रिक्शा ऐसे हैं. जिन पर 4 रंगों के स्टिकर लगाकर उन्हें उनके रूट पर चलने के निर्देश दिए गए हैं। 

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अपराध से मिलेगी मुक्ति
इस सिस्टम के जरिए न केवल पुलिस के पास ई रिक्शा की तमाम जानकारी, उसके मालिक अथवा ड्राइवर की जानकारी होगी, बल्कि यह जानकारी एक ऐप के माध्यम से ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज रहेगी. यदि किसी रिक्शा में यात्रा के दौरान कोई घटना होती है, तो यात्री को उस रिक्शा का नंबर या कलर कोड को ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन पर बताना होगा. जिससे पुलिस संबंधित ई-रिक्शा के चालक अथवा मलिक की पहचान कर उस पर तत्काल कार्रवाई कर सकेगी, ऐसी स्थिति में यात्रियों को भी सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। 

हाईकोर्ट के निर्देशों का भी पालन
इंदौर ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक हाईकोर्ट ने ट्रैफिक की व्यवस्था सुधारने के जो निर्देश दिए हैं, उसके मुताबिक पहले चरण में भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है. जिसमें यात्री बसें भी हैं. जिन्हें बाहर से ही बस स्टैंड पर लाकर डायवर्ट किया गया है. इसी तरह अब ई रिक्शा को भी शहर के खाली रूटों पर डायवर्ट किया जा रहा है.

इंदौर ई रिक्शा ऑटो चालक संघ के संस्थापक राजेश बड़कर बताते हैं कि "सभी ई रिक्शा चालकों को वर्दी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा रिक्शा चालक अपने जोन में ही चलेंगे. अन्य जोन में जाने पर उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई होगी. इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन के अथवा लाइसेंस आदि नहीं पाए जाने पर भी पुलिस द्वारा जब्ती और अन्य कठोर कार्रवाई होगी. वहीं जोन क्रॉस करने पर भी रिक्शा चालक जिम्मेदार होंगे। 

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