छत्तीसगढ़

तीन किलोमीटर तक सास को पीठ पर लेकर चली बहू, सेवा और समर्पण की कहानी ने जीता दिल

By Admin|23 May 2026, 9:56 PM
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अंबिकापुर

सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत शुक्रवार को कुनिया के जंगलपारा की रहने वाली सुखमनिया अपनी 90 साल की सास सोनवारी को पीठ पर लादकर करीब तीन किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक पहुंची। यहां बैंक ने उसे तीन महीने की रुकी हुई पेंशन के 1500 रुपए दिए, जबकि खाते में चार महीने के कुल दो हजार रुपए जमा थे।

स्वजन के अनुसार वृद्धा के दो पुत्र हैं जो काम करने चले जाते हैं। पेंशन नहीं मिलने के कारण परेशान बहू आखिरकार अपनी सास को पीठ पर लादकर बैंक तक का सफल पैदल तय की।

बैंक पहुंची बहू सुखमनिया ने बताया कि पहले बैंक मित्र तपेश घर आकर पेंशन दे जाता था, लेकिन बाद में उसने घर पर पैसा देने से मना कर दिया। यही वजह है कि तीन महीने से भटकने के बाद उसे मजबूरी में सास को ढोकर बैंक लाना पड़ा।

जंगलपारा के रास्ते में नाला पड़ने के कारण वहां कोई गाड़ी नहीं चलती, इसलिए वह पैदल ही बैंक पहुंची। बुजुर्ग सोनवारी को महतारी वंदन योजना का लाभ भी नहीं मिलता, उन्हें सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन के 500 रुपए ही मिलते हैं।

कुनिया ग्राम के जंगलपारा स्थित घर से डेढ़ किलोमीटर दूर एक नाला पड़ता है, जिसके कारण वहां कोई गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। इसके बाद डेढ़ किलोमीटर का रास्ता और तय करना पड़ता है।

महज 500 रुपए की पेंशन के लिए बुजुर्ग सास को इस तरह पीठ पर लादकर ले जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल रहा है। परिवार बेहद जरूरतमंद है। बहू ने बताया कि पहले बैंक मित्र घर पर ही पेंशन देने आता था, जिससे उन्हें सहूलियत होती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसने घर आना बंद कर दिया।

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वहीं केवाईसी पूरा नहीं होने के कारण भी कई महीनों से पेंशन अटकी हुई थी। इसी वजह से शुक्रवार को बहू को मजबूरी में अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर पांच किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक तक पैदल लाना पड़ा।

बैंक मैनेजर बोले- घर पर ही पेंशन देने की व्यवस्था

इस पूरे मामले पर नर्मदापुर सेंट्रल बैंक के मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेग का कहना है कि मैनपाट इलाके में वृद्धावस्था पेंशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था है और इसके लिए बैंक के आठ बैंक मित्र काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन्हें भी पैसा निकालना होता है, उनके स्वजन अगर बैंक में सूचना दे दें तो बैंक मित्र को उनके घर भेज दिया जाता है।

 

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