छत्तीसगढ़

नक्सल मोर्चे पर नई चाल: 1 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा के घर पुलिस, ‘हिड़मा स्ट्रेटेजी’ से सरेंडर की उम्मीद

By Admin|18 Mar 2026, 8:36 PM
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जगदलपुर

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कुख्यात नक्सली हिड़मा के सरेंडर के लिए अपनाई गई रणनीति को 1 करोड़ के बड़े इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के लिए भी झारखंड पुलिस इस्तेमाल कर रही है. झारखंड पुलिस ने पोलित ब्यूरो मेंबर बेसरा को मुख्यधारा में लाने के लिए उसके परिजनों से मुलाकात की. पुलिस ने परिजनों से अपील की कि वे मिसिर बेसरा को समझाएं और हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करें.

दरअसल माओवादी संगठन अब अपने सबसे कमजोर दौर में बताया जा रहा है. जहां कभी कई पोलित ब्यूरो मेंबर सक्रिय थे, अब महज दो ही बड़े चेहरे बचे हैं. एक ओर तेलंगाना पुलिस गणपति के आत्मसमर्पण की कोशिशों में जुटी है, तो दूसरी तरफ झारखंड पुलिस मिसिर बेसरा को लेकर लगातार दबाव और संवाद दोनों रणनीतियों पर काम कर रही है. खास बात ये है कि सरकार द्वारा तय डेडलाइन अब करीब है. इसी के चलते छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना तीनों राज्यों की पुलिस बड़े माओवादी कैडर को सरेंडर कराने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है.

हिड़मा स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल

बता दें कि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कुख्यात नक्सली हिड़मा को मुख्याधारा में वापल लाने के लिए सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के अतिसंवेदनशील पूर्वर्ती गांव पहुंचे थे. जहां उन्होंने गांव में जनचौपाल का आयोजन किया. इस चौपाल में सभी ग्रामवासी और पूर्वर्ती से संबंध रखने वाले नक्सल नेता माड़वी हिड़मा और बारसे देवा के परिजन भी शामिल हुए. इसमें माड़वी हिड़मा की माता माड़वी पुंजी और बारसे देवा की माता बारसे सिंगे भी शामिल थीं. नक्सली हिडमा और देवा की मां से मुलाकात कर उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अपने बेटों से कहो की दोनों हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं.

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क्या परिवार की भावुक अपील आएगी काम ?

अब देखना होगा कि परिवार की यह अपील बंदूक की आवाज को कितना दबा पाती है. क्या जंगल से निकलकर मुख्यधारा की राह सच में आसान हो पाती है या फिर यह कोशिश भी एक लंबी लड़ाई का हिस्सा बनकर रह जाएगी.

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